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Mp Constable Bharti Pariksha Scam: मध्य प्रदेश की आबकारी आरक्षक ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में 12 अभ्यर्थियों पर FIR दर्ज की गई है, जिन पर 100 सवाल मात्र 15 मिनट में हल करने का आरोप है. तकनीकी जांच में उनके परीक्षा पैटर्न को संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद परिणाम रोककर पुलिस जांच शुरू की गई. डिजिटल गड़बड़ी और संगठित नेटवर्क की संभावना को भी खंगाला जा रहा है. भर्ती बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जानिए इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी और आगे क्या हो सकती है कार्रवाई.
भोपाल न्यूज. मध्य प्रदेश की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. ऑनलाइन परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की संदिग्ध गतिविधियों ने अधिकारियों को चौंका दिया. जांच में सामने आया कि 12 उम्मीदवारों ने 100 सवालों का पेपर महज 15 मिनट में पूरा कर दिया. इतना ही नहीं, उनके जवाब देने का पैटर्न भी सामान्य अभ्यर्थियों से बिल्कुल अलग पाया गया. इसके बाद मामला गंभीर मानते हुए पुलिस ने इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है.
कैसे खुला पूरा मामला?
ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सिस्टम की निगरानी में कुछ तकनीकी संकेत मिले. अधिकारियों ने देखा कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा के शुरुआती समय में लगभग निष्क्रिय रहे, लेकिन आखिरी 15 मिनट में तेजी से सभी सवाल हल कर दिए. यह पैटर्न सामान्य नहीं था. औसतन हर सवाल को कुछ ही सेकंड में हल करना शक पैदा करने वाला था.
जब तकनीकी डेटा और लॉग की जांच की गई तो मामला और गंभीर नजर आया. इसके बाद रिजल्ट जारी करते समय इन 12 अभ्यर्थियों के परिणाम रोक दिए गए और विस्तृत जांच शुरू की गई.
डिजिटल गड़बड़ी का शक
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा के दौरान किसी तरह की डिजिटल सहायता या अवैध तकनीक का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. हालांकि पुलिस अभी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं कोई संगठित गिरोह तो इसमें शामिल नहीं है. जांच एजेंसियां अब सर्वर डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई नेटवर्क सामने आता है तो कार्रवाई और भी बड़ी हो सकती है.
कानूनी कार्रवाई शुरू
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है. भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने साफ किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस घटना के बाद परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है.
युवाओं के लिए बड़ा संदेश
इस मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि शॉर्टकट अपनाने की कोशिश अंत में भारी पड़ सकती है. सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है. फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें