सिवनी नगर की सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या समस्या बनती जा रही है। शहर की प्रमुख सड़कों, बाजार क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में मवेशियों का खुलेआम घूमना यातायात और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।हाल ही में, बुधवारी बाजार सब्जी मंडी क्षेत्र में दो सांडों की लड़ाई से अफरा-तफरी मच गई, जिससे राहगीरों में भय फैल गया। रिहायशी सड़क पर सांड भिड़े, राहगीरों में डर घटना मंगलवार की रात को हुई, जब रिहायशी इलाके के बीच सड़क पर दो सांड आपस में भिड़ गए। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने इस लड़ाई का वीडियो भी बनाया,जिसमें लोग डर के इधर-उधर भागते नजर आ रहे थे। राहगीरों और वाहन चालकों को डर के मारे अपना रास्ता बदलना पड़ा। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की कि यदि कोई बड़ा हादसा होता,तो उसकी जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता। व्यस्त सड़कों पर आवारा मवेशी से यातायात बना खतरा शहर के डूंडा सिवनी, बुधवारी बाजार, शुक्रवारी चौक, छिंदवाड़ा चौक, बारापत्थर क्षेत्र, गांधी भवन चौक, भैरोगंज, गंज क्षेत्र, बस स्टैंड, मस्जिद मोहल्ला चौक और स्टेशन रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर आवारा मवेशी अक्सर सड़क के बीचों-बीच बैठे रहते हैं। इससे आए दिन यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बनती है। वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं,जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। आवारा मवेशियों से बच्चे, बुजुर्ग और व्यापारी परेशान स्थानीय निवासी संजय साहू और राकेश नागफसे सहित अन्य लोगों ने बताया कि आवारा मवेशियों के कारण स्कूली बच्चे,बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं। कई बार बच्चे स्कूल जाते समय डर के साये में रहते हैं।व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के सामने मवेशियों के बैठे रहने से ग्राहक असहज महसूस करते हैं,जिससे उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। कार्रवाई नहीं होने से आवारा मवेशियों की समस्या बढ़ी नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने की बात तो की जाती है, लेकिन पशुपालकों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व आवारा मवेशी के हमले में एक बुजुर्ग और एक महिला घायल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नगरवासियों में रोष है। नगरवासियों ने मांग की है कि मवेशियों को सड़कों से हटाए,और पशुपालकों पर भी कड़ी कार्रवाई करे।
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