चेहरे की बढ़ाए चमक, चर्म रोगों का काल है इस पेड़ के बीज का तेल

चेहरे की बढ़ाए चमक, चर्म रोगों का काल है इस पेड़ के बीज का तेल


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Mahua Oil Benefits: महुआ के तेल का इस्तेमाल सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं है, इसे जोड़ों के दर्द और गठिया में भी लगाया जाता है. गांवों में लोग इसे हल्का गर्म कर मालिश करते हैं. इससे दर्द में राहत मिलती है.

खरगोन. गर्मी का मौसम शुरू होते ही मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में महुआ के पेड़ों पर फूलों की बहार आ जाती है. गांवों में सुबह-सुबह लोग महुआ के फूल बीनते नजर आते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी पेड़ के बीज से निकलने वाला तेल त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. ग्रामीण इलाकों में इसे सालों से घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट भी कहते हैं कि महुआ के बीज का तेल चेहरे की चमक बढ़ाने, रूखी त्वचा को ठीक करने और चर्म रोग में राहत देता है. यही वजह है कि आज भी बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स की जगह गांवों में लोग इस प्राकृतिक तेल को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि महुआ आसानी से उपलब्ध हो जाता है और इसका तेल निकालना भी मुश्किल नहीं है.

खरगोन जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में महुआ के पेड़ बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं. गर्मी के मौसम में ये पेड़ फूल और फलों से लदे रहते हैं. वहीं आयुर्वेद में महुआ के पेड़ के हर हिस्सा उपयोगी हैं. फूलों से शरबत बनाया जाता है जबकि बीजों से तेल निकाला जाता है, जो त्वचा से जुड़े कई रोगों के लिए काल माना जाता है. जिले में कई परिवार आज भी पारंपरिक तरीके से बीज सुखाकर उनसे तेल निकालते हैं और सालभर उपयोग में लेते हैं.

त्वचा रोग में कैसे करता है काम?
खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ संतोष मौर्य लोकल 18 को बताते हैं कि महुआ औषधीय गुणों से भरपूर पेड़ है. महुआ के बीज से निकला तेल त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह रूखी त्वचा को नरम बनाता है और खुजली में राहत देता है. फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या में भी इसे असरदार माना जाता है. चेहरे पर हल्की मालिश के रूप में इसका उपयोग किया जा सकता हैं. नियमित इस्तेमाल से त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरा साफ दिखाई देता है.

घर पर कैसे निकालें तेल?
विशेषज्ञ बताते हैं कि महुआ के बीज से घर पर तेल निकालने के लिए पहले पके हुए बीजों को अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद उनका सख्त छिलका हटाकर अंदर की गिरी अलग करें. गिरी को धूप में दोबारा सुखाकर कूट लें या मिक्सी में दरदरा पीस लें. अब इस पिसे हुए मिश्रण को कढ़ाई में हल्की आंच पर थोड़ा गर्म करें ताकि तेल निकलना शुरू हो जाए. फिर इसे साफ सूती कपड़े से दबाकर छान लें. जो तेल निकले उसे कांच की बोतल में भरकर ठंडी जगह पर रखें और जरूरत पर उपयोग करें.

जोड़ों के दर्द में भी राहत
महुआ तेल का उपयोग सिर्फ स्किन तक सीमित नहीं है, इसे जोड़ों के दर्द और गठिया में भी लगाया जाता है. गांवों में लोग इसे हल्का गर्म करके मालिश करते हैं. इससे दर्द में आराम मिलता है और शरीर को सुकून मिलता है. वहीं इसके फूलों से ठंडक देने वाला शरबत तैयार किया जाता है. छाल को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है, जो बुखार, पाचन और सांस से जुड़ी परेशानी में काम आता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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