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Sagar army havaldar devendra : सागर के देवेंंद्र ने यूनिवर्सल कप ऑफ़ इंडिया में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. इस जीत के साथ ही उन्होंने न सिर्फ अपने जिले का और यूनिट का भी नाम रोशन कर दिया है. लेकिन हवलदार देवेंद्र कुमार कि यह जीत जुनून, जिद और संघर्षों से भरी हुई है.
सागर : सागर के आर्मी हवलदार ने दिल्ली में आयोजित नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप यूनिवर्सल कप ऑफ़ इंडिया में तीन-तीन गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. इस जीत के साथ ही उन्होंने न सिर्फ अपने गांव और शहर का नाम रोशन किया है. बल्कि अपनी यूनिट का भी नाम रोशन कर दिया है. लेकिन हवलदार देवेंद्र कुमार कि यह जीत जुनून, जिद और संघर्षों से भरी हुई है. क्योंकि शुरुआत में बॉडीबिल्डिंग के जुनून को देखते हुए दूसरे लोग उन्हें ताना मारते थे की जो वह चाह रहे हैं कभी नहीं कर पाएंगे, लेकिन देवेंद्र ने यूट्यूब की मदद से मेहनत करना सीखा और बड़े-बड़े बॉडीबिल्डर को फॉलो कर अपना लक्ष्य साधा.
इंटरनेशनल बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गए
देवेंद्र पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 15 महार रेजिमेंट में पदस्थ हैं, लेकिन इनकी यूनिट के द्वारा देवेंद्र को खूब प्रोत्साहित किया जा रहा है. नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी के लिए यूनिट की तरफ से 3 महीने का समय अलग से दिया गया. उन्होंने सागर में रहकर ही इसकी तैयारी की. नेशनल में गोल्ड जीतने के बाद अब वह इंटरनेशनल के लिए क्वालीफाई हो गए हैं. अब एशियाई देशों या फिर थाईलैंड में होने वाली इंटरनेशनल बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गए हैं, अगर इंटरनेशनल स्तर पर मेडल लेकर आते हैं अपनी यूनिट और देश का नाम रोशन करते हैं तो यह हवलदार से सूबेदार की पोस्ट पर प्रमोट हो जाएंगे.
गांव में खुली एक जिम में जाकर प्रेक्टिस किया करते थे
वह पिछले 12 साल से लगातार अपनी बॉडी बनाने के लिए 2 से 3 घंटे रोजाना मेहनत कर रहे हैं, खासकर के जब उन्हें अपनी ड्यूटी के साथ यह कंटिन्यूटी बनाए रखनी पड़ गई, तब थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी. देवेंद्र कुमार बताते हैं कि उन्हें बचपन से सलमान खान जैसी बॉडी बनाने का शौक था और इसके लिए वह गांव में खुली एक जिम में जाकर प्रेक्टिस किया करते थे. लेकिन उन्हें इसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था इसी दौरान आर्मी में नौकरी भी लग गई वह जो खाली समय रहता था उसमें मेहनत करते रहते थे.
जब यूनिट के लोगों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने हमें कंपटीशन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, 2021 में सबसे पहले हमने जबलपुर में जिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था जिसमें गोल्ड मेडल जीता था इसके बाद छिंदवाड़ा सहित 7 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, इस बार फिर दिल्ली में जो यूनिवर्सल बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता हुई थी. नेशनल स्तर पर उसमें तीन गोल्ड मेडल जीते हैं.
देवेंद्र कुमार सागर शहर से लगी पटकुई ग्राम पंचायत में आने वाले गांधी मुहाल के निवासी है. इनके पिता आर्मी के रिटायर्ड सूबेदार हैं तो देवेंद्र के भाई भी हवलदार की पोस्ट पर दिल्ली में पदस्थ है. देवेंद्र कहते हैं आज की युवाओं ने मेहनत करना छोड़ दिया है वह फोन पर सोशल मीडिया और नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं जो काफी नुकसानदायक है. उनका भविष्य बर्बाद कर रहा है उन्हें किसी भी तरह के गेम में हिस्सा लेना चाहिए जिससे शारीरिक एक्टिविटी होती रहती है तो ना तो हम किसी नशे में पढ़ते हैं और शरीर भी अच्छा रहता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें