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Sidhi Village Ground Report: मध्य प्रदेश के सीधी जिले का पटना गांव इन दिनों पानी की भारी किल्लत और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि बघवार स्थित सीमेंट फैक्ट्री के संचालन के बाद से गांव में धूल, धुआं और जलसंकट की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. कंपनी ने सीएसआर के तहत गांव को गोद लेकर विकास का दावा किया था, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल अलग हैं. गांव में कई हैंडपंप सूख चुके हैं और लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रदूषण नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के पटना गांव की हालत इन दिनों काफी खराब बताई जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि बघवार में स्थित UltraTech Cement फैक्ट्री ने गांव को गोद लेकर विकास करने का दावा किया था, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही नजर आती है. गांव में आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं.
धूल और धुएं से घुट रहा गांव
ग्रामीण सत्यदेव गुप्ता बताते हैं कि फैक्ट्री शुरू होने के बाद से गांव में धूल और प्रदूषण काफी बढ़ गया है. पहाड़ के नीचे बसे इस गांव में ट्रकों की आवाजाही और खदानों से उठने वाली धूल के कारण हालात ऐसे हैं कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है. घरों की छत, आंगन, कपड़े और यहां तक कि खाने-पीने की चीजों पर भी धूल जम जाती है.
विरोध करने पर दर्ज हो गए केस
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने फैक्ट्री के खिलाफ आवाज उठाई तो उन पर केस दर्ज करा दिए गए. बताया जाता है कि एक बार फैक्ट्री के ट्रक से एक कुत्ते की मौत हो गई थी. इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध किया तो 11 लोगों पर मामला दर्ज हो गया और आज भी वे कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं.
ब्लास्टिंग से कांपते हैं घर
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यहां करीब 20 साल से सीमेंट फैक्ट्री चल रही है. पहले जेके और जेपी समूह के बाद अब यह अल्ट्राटेक के अधीन है. खदान क्षेत्र में रोजाना ब्लास्टिंग होती है, जिससे आसपास के घरों में कंपन महसूस होता है और कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं.
पानी की भी भारी किल्लत
गांव की आशा यादव बताती हैं कि फैक्ट्री क्षेत्र में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं है. कई हैंडपंप सूख चुके हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता है.
रोजगार भी नहीं मिला
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री होने के बावजूद गांव के युवाओं को रोजगार नहीं मिला. कई लोग मजबूरी में पत्थर तोड़कर गिट्टी बनाने का काम कर रहे हैं. वहीं गांव के कुछ परिवार लगातार बढ़ते प्रदूषण और परेशानी के कारण पलायन भी कर चुके हैं.
प्रशासन से की जांच की मांग
पटना गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत किए गए विकास कार्यों की जांच कराई जाए. साथ ही प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ब्लास्टिंग के समय तय किए जाएं और गांव में पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें