सागर में टैक्स डिफॉल्टर सावधान! मार्च में ही भर दो बिल, 1 अप्रैल से दोगुना देना पड़ेगा पैस

सागर में टैक्स डिफॉल्टर सावधान! मार्च में ही भर दो बिल, 1 अप्रैल से दोगुना देना पड़ेगा पैस


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सागर नगर निगम में टैक्स की बकाया राशि 100 करोड़ के पास पहुंच गई है. टैक्स की वसूली करने के लिए निगम प्राइवेट एजेंसी को यह ठेका देने जा रहा है. वसूली के दौरान विवाद जैसी स्थिति बन सकती हैं. देखिए पूरी रिपोर्ट…

सागर. बुंदेलखंड का एकमात्र नगर निगम और देश की 100 स्मार्ट सिटी में शामिल सागर इन दिनों स्ट्रक्चर डेवलपमेंट के ट्रांसफॉर्मेशन के दौर से गुजर रहा है. जहां जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन यही नगर निगम टैक्स वसूली में फिसड्डी साबित हो रही है. क्षेत्र में अलग-अलग तरह के लगने वाले टैक्स की बकाया राशि 100 करोड़ के पास पहुंच गई है. टैक्स की वसूली करने के लिए निगम प्राइवेट एजेंसी को यह ठेका देने जा रहा है. परिषद ने भी इस फैसले पर मोहर लगा दी है.

सागर नगर निगम में रहने वाले लोगों को प्रमुख रूप से वॉटर टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, सीवरेज टेक्स सहित अन्य टैक्स देने होते हैं, ताकि नगर निगम का संचालन होता रहे और उन्हें भी तमाम तरह की सुविधा मिलती रहे. निगम की ओर से इसकी वसूली करने के लिए प्रयास तो 12 महीने किए जाते हैं लेकिन मार्च एंडिंग से पहले इसमें तेजी आ जाती है. इसके बावजूद भी टैक्स की पर्याप्त वसूली नहीं हो पा रही. इसके चलते प्राइवेट एजेंसी को यह ठेका दिया जा रहा है. ऐसा होने से टेक्स वसूली के दौरान विवाद एजेंसी स्थिति बनने की घटनाएं सामने आ सकती है.

15 करोड़ वॉटर टैक्स मकरोनिया पर बकाया
इसमें सागर नगर निगम के द्वारा जो मकरोनिया नगर पालिका के लिए पानी की राजघाट से सप्लाई दी जा रही है. 2 साल का 15 करोड़ बकाया है. यहां पर टाटा प्रोजेक्ट के तहत भी लाइन बेचकर कनेक्शन दिए गए लेकिन वसूली नहीं होने से एक साथ इतना सारा बिल बकाया हो गया है.

5 साल के बिल एक साथ थमाए 
सागर नगर निगम की सीमा में करीब 70000 मकान हैं, जिनमें अधिकांश मल्टी स्टोरी बिल्डिंग हैं. शहर में 4 लाख से अधिक की आबादी है. जिन पर नगर निगम के द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में संपत्ति कर, जल कर, सीवर कर और स्वच्छता कर बकाया है. इसमें कचरा टैक्स की वसूली 5 साल में पहली बार शुरू की जा रही है. सीवरेज कर की वसूली भी पिछले साल ही शुरू की गई, लेकिन निगम के द्वारा सही तरह से सुविधा नहीं दिए जाने के आरोप की वजह से यह टैक्स वसूली करने में परेशानी हो रही है. और यह धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है. इसका असर कर्मचारियों की सैलरी पर देखने को मिल रहा है. नगर निगम में 3 महीने से कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिली है. इतना ही नहीं दिवाली के समय तो कर्ज लेकर सैलरी बांटने की नौबत आ गई थी.

1 अप्रैल से टैक्स की राशि दोगुनी
बता दें कि नगर निगम की ओर से पिछले दो महीने से लगातार अलग-अलग वार्ड में टैक्स जमा करने के लिए कैंप आयोजित किया जा रहे. टैक्स कलेक्टर के द्वारा घर-घर नोटिस दिए जा रहे. बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए जा रहें, ताकि टैक्स वसूली की राशि बढ़ सके. छुट्टियों के दिनों में भी काउंटर खुल रहे हैं और ऑटो से अनाउंसमेंट कराया जा रहा है. इसमें जनता को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि उनका जो बकाया टैक्स है उसको वह मार्च खत्म होने से पहले पहले जमा कर दें, नहीं तो 1 अप्रैल से टैक्स की राशि दोगुनी कर दी जाएगी. ऐसे में अगर ग्राहक इस झटके से बचना चाहता है तो उन्हें अपनी बकाया टैक्स की राशि 31 मार्च के पहले जमा कर देनी चाहिए.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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