India vs England highlights, T20 World Cup Semi-Final 2026: क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है- Catches win Matches. यानी कैच पकड़ने से ही मैच जीते जाते हैं. 5 मार्च 2026 को यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई. वो भी भारत-इंग्लैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में. एक कैच की कीमत क्या होती है, अभी कोई इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक से जाकर पूछे. हैरी ब्रूक को यह पछतावा जिंदगी भर होगा. काश उस दिन संजू सैमसन का कैच पकड़ लेता, क्या पता वर्ल्ड कप की ट्रॉफी हाथ में रहती. जी हां, 5 मार्च को भारत बनाम इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल का मुकाबला हुआ. मुंबई के वानखेड़े मैदान में खचाखच दर्शकों की भीड़ थी, तभी हैरी ब्रूक ने 27 साल पहले की एक पुरानी कहानी याद दिला दी. उस वक्त भी एक कैच की वजह से वर्ल्ड कप हाथ से छूट गया था.
जी हां, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. आपकी कौन सी गलती कब पूरे मैच का रुख बदल दे, कोई नहीं जानता. ‘कैचेस विन मैचेस’ वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन का आसान सा कैच छोड़ दिया. तब संजू उस समय सिर्फ 15 रन पर खेल रहे थे. मगर इस जीवनदान का फायदा उठाकर उन्होंने 42 गेंदों पर 89 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इस पारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 253/7 का विशाल स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 246/7 पर रोककर 7 रनों से मैच जीत लिया. अब भारत फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा.
हैरी ब्रूक ने दोहरा दी पुरानी कहानी
मैच खत्म होने के बाद इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक ने खुद माना, ‘मैंने संजू का कैच छोड़कर बड़ी गलती की.’ हैरी ब्रूक के इस कैच छूटने वाले पल ने क्रिकेट फैन्स को 27 साल पुरानी एक मशहूर कहानी याद आ गई, जब 1999 वनडे वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के हर्शल गिब्स ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ का कैच छोड़ दिया था. उस समय भी कहा गया था कि खतरनाक प्लेयर हर्षल गिब्स ने कैच नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप गिरा दिया. चलिए जानते हैं 1999 के वर्ल्ड कप में क्या हुआ था.
भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हरा दिया.
क्या हुआ था 27 साल पहले
बात 1999 की है. वर्ल्ड कप मैच इंग्लैंड था. 13 जून को लीड्स के हेडिंग्ले ग्राउंड पर आमने-सामने थे साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया. इंग्लैंड की तरह ही आज से 27 साल पहले साउथ अफ्रीका के पास वर्ल्ड कप जीतने का एक बड़ा मौका था. ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 272 रनों का लक्ष्य मिला था. एक कैच ने मैच का पूरा रुख बदल दिया था. वो कैच टपका था स्टीव वॉ का और छोड़ा था दिग्गज फील्डरों में शुमार हर्शल गिब्स ने. कैच छूटने के बाद स्टीव वॉ ने उस मैच में नाबाद 120 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. उनकी पारी की बदौतलत ऑस्ट्रेलिया टीम बाद में दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी और साउथ अफ्रीका के पास अफसोस के अलावा कुछ नहीं बचा.
कैसे छूटा था वो कैच
अब लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही थी. केवल 48 रनों पर 3 विकेट गिर गए थे. एडम गिलक्रिस्ट 5 रन पर बोल्ड, मार्क वॉ 5 रन पर रन आउट और डेमियन मार्टिन 11 रन पर आउट. फिर क्रीज पर आए कप्तान स्टीव वॉ और रिकी पोंटिंग ने पारी संभाली. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की. वॉ जब 56 रन पर खेल रहे थे, तभी हर्शल गिब्स के हाथों उनका आसान कैच आया. दुनिया के बेहतरीन फील्डरों में से एक गिब्स ने कैच तो पकड़ा लेकिन जोश में गेंद को ऊपर उछालने की कोशिश की. जोश में गेंद उनके हाथ से छूटकर जमीन पर गिर गई. अंपायर ने इसे नॉट आउट करार दिया. उस पल स्टीव वॉ ने गिब्स से कहा था, ‘दोस्त, तुमने कैच नहीं, वर्ल्ड कप गिरा दिया है.
हर्शल गिब्स ने कैच नहीं बल्कि वर्ल्ड कप छोड़ दिया था.
फिर जीवनदान का स्टीव वॉ ने उठाया फायदा
इस जीवनदान का फायदा उठाकर वॉ ने धुआंधार बल्लेबाजी की. उन्होंने 110 गेंदों पर नाबाद 120 रन ठोके. पोंटिंग ने भी 69 रन बनाए. आखिरकार ऑस्ट्रेलिया ने 2 गेंद बाकी रहते 5 विकेट से मैच जीत लिया. इस जीत से ऑस्ट्रेलिया सुपर सिक्स में साउथ अफ्रीका से ऊपर पहुंच गया. चार दिन बाद सेमीफाइनल में दोनों टीमें फिर भिड़ीं. मैच टाई रहा लेकिन बेहतर रन रेट के चलते ऑस्ट्रेलिया फाइनल में गया. फाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता. साउथ अफ्रीका का वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया, जो आज तक पूरा नहीं हुआ. गिब्स की वह गलती आज भी ‘वर्ल्ड कप ड्रॉप’” के नाम से मशहूर है.
संजू सैमसन की पारी की बदौलत भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया.
संजू का कैच नहीं फाइनल का टिकट छोड़ा
अब आते हैं 2026 की इस नई कहानी पर. टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया. भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की. संजू सैमसन ओपनिंग करने आए और शुरुआत में ही आक्रामक अंदाज में खेलने लगे. पहले 6 गेंदों पर 15 रन बना चुके थे. तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर संजू ने मिड-ऑन की तरफ शॉट खेला. गेंद सीधे हैरी ब्रूक के हाथों में आई, लेकिन ब्रूक ने इसे सही से जज नहीं किया. न तो कूदे, न ही ठीक से खड़े रहे, और गेंद उनके दाएं हाथ से टकराकर गिर गई. यह एक ऐसा कैच था जो ब्रूक 100 में से 99 बार पकड़ लेते, लेकिन उस दिन छूट गया.
संजू फिर बन गए स्टीव वॉ
इसके बाद संजू ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धुनाई शुरू कर दी. संजू ने कुल 42 गेंदों पर 89 रन बनाए, जो उनकी करियर की शानदार पारियों में से एक थी. भारत का स्कोर 253/7 पहुंचा. इंग्लैंड चेज करते हुए जैकब बेथेल के 48 गेंदों पर 105 रनों के बावजूद 246/7 पर सिमट गया. मैच सिर्फ 7 रनों से हारा. मगर ब्रूक ने खुद माना कि संजू सैमसन का कैच छोड़ना उनकी बड़ी गलती थी. इस तरह 1999 में गिब्स की गलती से साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप से बाहर हुआ, और 2026 में ब्रूक की भूल से इंग्लैंड फाइनल का टिकट पाने से चूक गया. दोनों मामलों में ड्रॉप कैच के बाद बल्लेबाज ने बड़ी पारी खेली और मैच का रुख ही पलट दिया. इस तरह से यह साफ है कि क्रिकेट में छोटी गलतियां कैसे बड़े सपनों को तोड़ सकती हैं.