हरदा जिले की ग्राम पंचायत मोहनपुर में नल जल योजना के तहत 62 लाख रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी टेस्टिंग में फेल हो गई है। कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब है कि टंकी के बेस में दरारें आने से यह एक ओर झुक गई है। इसका मुख्य कारण नाले के किनारे काली मिट्टी पर बिना उचित बेस बनाए टंकी का निर्माण करना बताया जा रहा है। टंकी के झुकने से पाइप भी टूट गए हैं और सीढ़ियों में गैप आ गया है। ग्रामीण टंकी गिरने की आशंका से डरे हुए हैं। योजना के तहत 80 कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन किसी में भी पानी नहीं आया, जिससे ग्रामीण आज भी पेयजल के लिए कुएं पर निर्भर हैं। मोहनपुर में जल जीवन मिशन के तहत टंकी का निर्माण 22 मार्च 2022 को शुरू हुआ था, जिसे 6 महीने में पूरा होना था। हालांकि, यह कार्य लगभग तीन साल बाद 2025 में पूरा हुआ। इसी कारण पंचायत ने अभी तक टंकी का हैंडओवर नहीं लिया है। पीएचई अधिकारी भी स्वीकारते हैं कि टंकी के बेस में कंक्रीट की जगह मिट्टी भरने से यह स्थिति बनी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मना करने के बावजूद टंकी का निर्माण नाले के पास किया गया। गुणवत्ताहीन कार्य के कारण पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। हरदा जिले में कुल 502 गांवों में से 458 नल जल योजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनमें से 446 का काम पूरा हो चुका है और 12 पर काम चल रहा है। इस मामले पर पीएचई के कार्यपालन यंत्री बीआर उईके ने बताया कि काली मिट्टी से बेस भरे जाने के कारण टंकी में दरारें आ गई हैं, जिसे ठीक कराया जा रहा है।
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