इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत का मामला अभी थमा भी नहीं था कि ग्वालियर में पेयजल सप्लाई करने वाली टंकी में मरी हुई पांच छिपकलियां मिलने का मामला सामने आया है। ये छिपकली प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने करीब 1300 फ्लैट को सप्लाई होने वाले पानी में मिली हैं। इससे रहवासी आक्रोशित हो गए और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि टंकी की सफाई न होने से ऐसी स्थिति बनी है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। क्योंकि ज्यादातर लोगों के घरों में आरओ नहीं हैं और वे टंकी से आने वाला पानी सीधे ही पीते हैं। ग्वालियर के मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाए गए हैं। फेस-एक में बने ब्लॉक ई-52 के पानी की टंकी में ये छिपकलियां मिली हैं। रहवासियों ने टैंक से खुद छिपकलियां बाहर निकाली हैं, जिसका वीडियो भी सामने आया है। छिपकली मिलने के बाद रहवासी टंकी के पानी से परहेज कर रहे हैं और कई लोग आरओ का पानी मंगा रहे हैं। शिकायतों पर ध्यान नहीं देते अधिकारी फ्लैट में रहने वाले रहवासियों का कहना है कि पिछले दो साल से लोग यहां रह रहे हैं, लेकिन छत पर बने पानी के टैंक की नियमित सफाई नगर निगम द्वारा नहीं कराई गई है। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। बताया जा रहा है कि हाल ही में रहवासियों ने इस समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। क्या अफसर ग्वालियर को भी इंदौर का भागीरथपुरा बनाना चाहते हैं? सफाई और सुरक्षा भी ठीक नहीं रहवासियों का यह भी आरोप है कि परिसर में सफाई व्यवस्था और सुरक्षा दोनों ही कमजोर हैं। जिस ठेकेदार को यहां का काम दिया गया है, वह लोगों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देता। वहीं सुरक्षा के लिए पांच गार्ड की जगह केवल दो गार्ड ही तैनात रहते हैं, जिसके कारण यहां आए दिन चोरी आदि घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। छिपकली गिरना दुर्भाग्यपूर्ण नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया का कहना है कि इंदौर की घटना के बाद निगम ने टंकियों की सफाई कराई थी और उन्हें ढका गया था, लेकिन छिपकली का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। ठेकेदार का ठेका समाप्त हो गया है, जल्दी ही रहवासियों से चर्चा कर स्थायी व्यवस्था की जाएगी।
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