सतना और मैहर जिले के किसान अपनी उपजाऊ भूमि को निजी सीमेंट कंपनी ‘डालमिया इंडिया’ को सौंपे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले 10 मार्च को सतना कलेक्ट्रेट के घेराव करेंगे। इस आंदोलन में 300 से अधिक ट्रैक्टरों का काफिला जिला मुख्यालय तक कूच करेगा। 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन और 40 साल की लीज का विवाद पूरा विवाद अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की लगभग 3600 एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा इस विशाल भू-भाग को डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 वर्ष की लंबी लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम बिगौड़ी में आयोजित महापंचायत में किसानों ने दोटूक कहा कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों को नहीं देंगे। महिलाओं की रहेगी सक्रिय भागीदारी आंदोलन को धार देने के लिए गांवों में लगातार पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। बिगौड़ी की महापंचायत में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। किसान नेता रूपनारायण पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि जमीन किसानों की पहचान और सर्वाइवल का साधन है। किसानों का कहना है कि वे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत किसी भी कीमत पर निजी कंपनी को नहीं सौंपेंगे। राष्ट्रीय नेता संभालेंगे कमान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि 10 मार्च का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। इस महा-आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश प्रभारी मांगेराम त्यागी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह सतना पहुंच रहे हैं। 300 ट्रैक्टरों के इस विशाल काफिले और हजारों किसानों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
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