नर्मदापुरम रोड को बावड़िया कलां क्षेत्र से सीधे जोड़ने वाले रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) की प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए लोक निर्माण विभाग ने नए सिरे से टेंडर जारी किए हैं। आशिमा मॉल से बावड़िया कला चौक (सेज अपोलो अस्पताल) के बीच बनने वाला 1183 मीटर लंबा ब्रिज 24 महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इंजीनियरों के अनुसार अगले दो महीने में टेंडर और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह आरओबी बनने से कोलार, बावड़िया कला, सलैया, गुलमोहर और त्रिलंगा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को बड़ा फायदा मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों के लोगों को होशंगाबाद रोड तक पहुंचने के लिए बाग सेवनिया थाने के सामने वाले आरओबी से होकर जाना पड़ता है या मानसरोवर कॉम्प्लेक्स की ओर से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। नया ब्रिज बनने से करीब 7 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा बचेगा। कटारा हिल्स, बागसेवनिया, बागमुगालिया और मिसरोद तक की दूरी भी तीन से चार किलोमीटर कम हो जाएगी। करीब पांच लाख आबादी को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। 49.46 करोड़ लागत, 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य ब्रिज का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रिक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर होगा। इसमें एक ही एजेंसी डिजाइन से लेकर निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी, जिससे काम में देरी की संभावना कम रहेगी। ब्रिज की कुल लंबाई 1183 मीटर होगी। इसमें 733 मी. का मुख्य स्ट्रक्चर बनेगा। दोनों तरफ करीब 400 मी. एप्रोच रोड और सर्विस रोड बनाई जाएंगी। ब्रिज की चौड़ाई 15.5 मीटर रहेगी। आशिमा चौराहे से करीब 50 मी. आगे से ब्रिज शुरू होगा और सेज अपोलो अस्पताल से लगभग 400 मी. पहले खत्म होगा। तकनीकी कारणों से रुका था काम
इस प्रोजेक्ट को जनवरी 2025 में कैबिनेट मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने टेंडर जारी किए थे, लेकिन निविदा निराकरण समिति ने दरों को लेकर आपत्ति जताई। डिजाइन में बदलाव और तकनीकी कारणों से प्रक्रिया रुक गई थी। अब ब्रिज विंग ने 49.46 करोड़ रुपए लागत के प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए हैं। चार जगह का ट्रैफिक होगा कम
नर्मदापुरम रोड पर पीक ऑवर्स में 5 जगह भारी ट्रैफिक जाम होता है। पहला बागसेवनिया थाना तिराहा, दूसरा कटारा तिराहा, तीसरा दानिश नगर और चौथा मिसरोद थाने के पास तिराहे पर। इन तीनों ही जगहों से लोग कोलार के लिए जाते हैं। आशिमा से सेज अपोलो तक बनने वाले ब्रिज से इन चार जगह का ट्रैफिक सीधे कम हो जाएगा। आशिमा मॉल से बावड़िया गांव तक बनने वाले आरओबी के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण के लिए दो साल का समय रखा गया है।
-एआर मोरे, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, ब्रिज, लोक निर्माण विभाग, भोपाल
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