एक नंबर के 3 टोकन, बदल गईं अस्थियां, इंदौर में विसर्जन करने चला गया दूसरा परिवार

एक नंबर के 3 टोकन, बदल गईं अस्थियां, इंदौर में विसर्जन करने चला गया दूसरा परिवार


Last Updated:

इंदौर के पंचकुइयां मुक्तिधाम में अस्थियां बदलने के बाद हंगामा मच गया. मदनलाल विश्वकर्मा का 6 मार्च को अंतिम संस्कार किया गया था, जब परिजन अगले दिन उनकी अस्थियां लेने पहुंचे, तो उन्हें पहले से ही कोई और लेकर जा चुका था.

Zoom

इंदौर में बदल गईं अस्थियां

रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता, इंदौ

Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर में पंचकुइयां मुक्तिधाम में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां एक ही टोकन नंबर तीन अलग-अलग परिवारों को दे दिया गया, जिसके चलते अस्थियों की अदला-बदली हो गई. जैसे ही मामला सामने आया परिजन हैरान रह गए और उन्होंने मुक्तिधाम प्रबंधन पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं.

तीन अलग-अलग परिवारों को दिया एक ही टोकन नंबर
इंदौर के गुरुशंकर नगर के रहने वाले मदनलाल विश्वकर्मा का 6 मार्च को अंतिम संस्कार पंचकुइयां मुक्तिधाम में किया गया था. फिर शनिवार को जब उनके परिजन अस्थियां लेने पहुंचे, तो वहां उनकी अस्थियां नहीं मिलीं, जिसके बाद जांच करने पर पता चला कि मुक्तिधाम प्रबंधन ने टोकन नंबर-13 तीन अलग-अलग परिवारों को जारी कर दिया था, जिससे भारी समस्या पैदा हो गई. फिर मदनलाल विश्वकर्मा के बेटे और अन्य परिजनों ने रजिस्टर में दर्ज जानकारी के आधार पर उस परिवार से संपर्क किया जो अस्थियां लेकर गया था.

अस्थियों के इंतजार में घंटों बैठा रहा बेटा
इसके बाद पता चला कि जिस परिवार को मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियां मिलीं, वह अपने परिवार की अस्थियां समझकर उनका विसर्जन करने के लिए खेड़ीघाट स्थित नर्मदा तट पर पहुंच गया. हालांकि अस्थि विसर्जन से पहले ही उनसे संपर्क हो गया. इसके बाद परिवार बिना विसर्जन किए इंदौर वापस रवाना हो गया. इधर अपने पिता की अस्थियों के इंतजार में बेटा और अन्य परिजन घंटों तक पंचकुइयां मुक्तिधाम में बैठे रहे.

मुक्तिधाम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
इस पूरे मामले ने पंचकुइयां मुक्तिधाम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें घटना की सूचना लगते ही मौके पर कई समाजसेवी भी पहुंचे. जिन्होंने मुक्तिधाम प्रबंधन से चर्चा कर इस पूरी समस्या में पीड़ित परिवार का सहयोग किया और इस गड़बड़ी का करण मुक्तिधाम पर तैनात नगर निगम के अपरिपक्व कर्मचारियों को बताया.



Source link