ग्वालियर में एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। न तो कोई मैसेज आया, न एपीके फाइल खोली, न किसी से ओटीपी शेयर किया, फिर भी बैंक अकाउंट से दो बार में 34 हजार रुपए निकाल लिए गए। रुपए निकलने के कुछ घंटों बाद जब व्यक्ति को इसका पता चला तो उसने तुरंत बैंक कस्टमर केयर को फोन कर सूचना दी। घटना 3 मार्च को कमल सिंह का बाग, शिंदे की छावनी की है। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत की। शनिवार को पुलिस ने फ्रॉड का मामला दर्ज कर लिया है। साइबर एक्सपर्ट यह पता लगा रहे हैं कि किन-किन अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ है। शिंदे की छावनी, कमल सिंह का बाग स्थित गोखले हॉस्पिटल के पास रहने वाले जितेंद्र दीक्षित के साथ यह फ्रॉड हुआ। जितेंद्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक में बचत खाते हैं। 3 मार्च को शाम 4:15 बजे उनके यूनियन बैंक खाते से 22 हजार रुपए अमनदीप सिंह के खाते में डेबिट हो गए। कुछ देर बाद एचडीएफसी बैंक खाते से 12 हजार रुपए निकलकर सचिन सैनी के खाते में पहुंच गए। जितेंद्र दीक्षित का कहना है कि उन्होंने न तो कोई लेन-देन किया और न ही किसी तरह की फाइल खोली। इसके बावजूद घर बैठे ही साइबर ठगों ने उनके खाते से 34 हजार रुपए निकाल लिए। रुपए निकलने का मैसेज रात करीब 8 बजे मोबाइल पर आया। इसके बाद उन्होंने बैंक ग्राहक सेवा में फोन किया, जहां से पता चला कि रुपए किन खातों में गए हैं। पुलिस के मुताबिक अनजाने में हुई होगी गलती पुलिस की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि फरियादी को याद नहीं आ रहा होगा, लेकिन संभव है कि उन्होंने किसी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक किया हो, जिसके बाद साइबर ठगों ने खाते से रुपए निकाल लिए। जिन खातों में रुपए गए उनकी पड़ताल साइबर सेल के डीएसपी मनीष यादव और क्राइम ब्रांच टीआई अमित शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि जिन खातों में रुपए ट्रांसफर हुए, उनके धारक अमनदीप सिंह और सचिन सैनी कहां के रहने वाले हैं।
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