गुना विधायक पन्नालाल बोले- सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड पर हावी: मंत्री की मौजूदगी में कहा- “हम मंदिर में खड़े हैं, हमें प्रसाद ही नहीं मिल रहा” – Guna News

गुना विधायक पन्नालाल बोले- सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड पर हावी:  मंत्री की मौजूदगी में कहा- “हम मंदिर में खड़े हैं, हमें प्रसाद ही नहीं मिल रहा” – Guna News




गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने फिर एक बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सिलेक्टेड लोग इलेक्टेड लोगों पर हावी हैं। यहां साले हम मंदिर में खड़े हैं, हमे प्रसाद ही नहीं मिल रहा। बता दें कि शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गुना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम छोर तक के व्यक्ति की चिंता कर रही है। बजट प्रदेश के युवा, महिला, बुजुर्ग सभी के लिए समावेशी बजट है। इलेक्टेड को जनता अपने मत से चुनती है
इसी दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने मीडिया से बात की। यूनी द्वारा अक्सर बोली जानी वाली सिलेक्टेड और इलेक्टेड के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिलेक्टेड वो लोग हैं, जो सरकार के द्वारा कर्मचारियों, अधिकारियों की आयोजित परीक्षाएं होती हैं, उसको कहते हैं, सिलेक्टेड। और इलेक्टेड उन्हें कहते हैं जिन्हें जनता अपने मत से चुनती है। हाथ उठाकर नहीं, बाकायदा वोटिंग कर के। वर्तमान जो व्यवस्था है, वो इलेक्टेड व्यवस्था है। इलेक्टेड व्यवस्था के अधीन सिलेक्टेड लोग हैं। अब उसमें कुछ इलेक्टेड भी गलती हर देते हैं, कुछ सिलेक्टेड भी गलती कर देते हैं। इसलिए गड़बड़ होती है। सिलेक्टेड लोग हावी हो रहे
विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि सिलेक्टेड लोग, इलेक्टेड लोगों पर हावी होते हैं, ये बात बिल्कुल सही है। वर्तमान में हम देख रहे हैं न… आप तो मरघट से उठाकर ले आओ, मरघट से जगा लाओ और उन्हें भोजन कराओ। यहां साले हम मंदिर में खड़े हैं, हमे प्रसाद ही नहीं मिल रहा। क्या है ये। कौन का संरक्षण है ऐसे लोगों को। क्या गुना के पास जो उपक्रम बने हुए हैं, वो लोकहित के हैं क्या, जनहित के हैं क्या? उनसे ऐसा लगता है क्या कि विकास हो रहा है। ईरान और अमेरिका के युद्ध पर विधायक ने कहा कि तुम गए क्या ईरान और अमेरिका। हम तो नहीं गए। हम तो दिल्ली तक भी नहीं गए। हम न तो अमेरिका गए और न हमने ईरान देखा। हमने दिल्ली ही नहीं देखी, तो तुम हमसे अमेरिका और ईरान के झगड़े की पूछ रहे हो।



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