Eight of the EVMs on which the defeated Congress candidate took objection | जिन ईवीएम के परिणाम पर पराजित कांग्रेस के प्रत्याशी ने आपत्ति ली थी उनमें से आठ जल गई

Eight of the EVMs on which the defeated Congress candidate took objection | जिन ईवीएम के परिणाम पर पराजित कांग्रेस के प्रत्याशी ने आपत्ति ली थी उनमें से आठ जल गई


खरगोन13 मिनट पहले

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  • सुबह 10 बजे की घटना के डेढ़ घंटे बाद अफसरों को मिली सूचना, आज इंदौर से आएगा जांच दल

पीजी कॉलेज स्थित निर्वाचन विभाग के स्ट्रांग रूम में खरगोन विधानसभा 185 के कक्ष में आग लग गई। यहां रखी 270 में से 8 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में ब्लास्ट हो गया। उन्हें दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया गया है। ये सभी लोकसभा चुनाव-2018 की हैं। पराजित कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गोविंद मुजाल्दा ने ईवीएम से छेड़छाड़ व मतदान की निष्पक्ष गणना की हाईकोर्ट में आपत्ति दायर कर रखी है। उन्होंने ईवीएम में सेटिंग के आरोप लगाए थे। साथ ही स्ट्रांग रूम की सीलिंग के बाद से ही बिजली कट है। यह मामला विचाराधीन है। सब कुछ अचानक हुआ है। इससे मामला ज्यादा पेचींदा हो गया। कलेक्टर अनुग्रहा पी ने स्ट्रांग रूम का दौरा कर जांच टीम का गठित की है। घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने लापरवाही व भाजपा पर साजिश के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुबह 10 बजे की घटना है। एसडीएम सत्येंद्र प्रतापसिंह को डेढ़ घंटे बाद जानकारी मिली। पीजी कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में खरगोन के अलावा भगवानपुरा, महेश्वर व कसरावद की ईवीएम जमा है।

स्ट्रांग रूम खोलते ही फैला था धुंआ, सब आ गए बाहर
स्ट्रांग रूम मे बुधवार को सुबह ड्यूटी पर तैनात राजेंद्र यादव, भूरासिंह व लखन बालके ड्यूटी पर तैनात थे। दोपहर 11.30 बजे एसडीएम को सूचना दी। तत्काल एडीएम एमएल कनेल पुलिस बल के साथ स्ट्रांग रूम पहुंचे। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. मुजाल्दा व भाजपा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण इंगले को बुलाया। उनकी उपस्थिति में ताला खोला गया। धुंआ देखकर सब बाहर आ गए।

5 सदस्यों का जांच दल देगा रिपोर्ट
कलेक्टर ने बताया कि यहां खरगोन, महेश्वर, कसरावद व भगवानपुरा विधानसभाओं की ईवीएम मशीनें रखी है। एडीएम एमएल कनेल के नेतृत्व में जांच दल बनाया गया है। जल्द ही रिपोर्ट मिलेगी। लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी।

^गुरुवार को इंदौर से ईवीएम विशेषज्ञ टीम आएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग कैसे लगी। शाॅर्ट सर्किट से आग लगी है या किसी ने लगाई है। -अनुग्रहा पी, कलेक्टर खरगोन

स्ट्रांग रूम में लापरवाही

डेढ़ साल से बंद रखी ईवीएम मशीनों को नहीं मिली हवा

स्ट्रांग रूम में हवा के लिए भी जगह नहीं होती है। यहां डेढ़ साल से मशीनें रखी है। गर्मी व हवा नहीं मिलने से कारण ईवीएम मशीन में आग लगी हो सकती है। क्योंकि मशीनें सटाकर रखी थी।

स्ट्रांग रूम का पिछले छह महीने से निरीक्षण नहीं हुआ

कांग्रेसियों के आरोप है स्ट्रांग रूम का पिछले 6 माह से निरीक्षण नहीं हुआ है। कोरोना काल से पहले पिछले कलेक्टर के समय निरीक्षण हुआ था। इस बार काफी समय हो गया। तैनात कर्मचारियों को रोज की रिपोर्ट देनी होती है।

एक मशीन निकालकर देखी व दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया
मौके पर पहुंचीं कलेक्टर ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी राजेंद्र यादव से पूछताछ की। उसने बताया कि धुंआ 10 बजे उठ रहा था। कलेक्टर कर्मचारियों के साथ ही पीआईयू के कार्यपालन यंत्री व आरईएस के कार्यपालन यंत्री पर नाराज हुईं। कलेक्टर ने 1 मशीन को बाहर निकालने का कहकर खुलवाया। मशीन में कोई नुकसान नहीं था। इसके बाद मशीनों को दूसरे रूम में शिफ्ट करने को कहा।

विधायक बोले- साजिश है, जब बिजली नहीं है तो कैसे हुआ शॉर्ट सर्किट
दोपहर करीब 2.30 बजे खरगोन विधायक रवि जोशी पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर व एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान से चर्चा की। इसके बाद स्ट्रांग रूम देखा। विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह भाजपा की साजिश है। क्योंकि यहां बिजली नहीं है और शाॅर्ट सर्किट कैसे हो सकता है। यह गंभीर मामला है। आग लगने के डेढ़ घंटे के बाद अफसरों को सूचना क्यों दी। स्ट्रांग रूम को देखकर लगता है कि यहां पहले से ही आग लगी है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी क्या करते रहे।
अफसर बोले- कक्ष के अंदर एसिड जला है, धुंए से आंखों से आंसू निकले
पुलिसकर्मी अंदर पहुंचा तो उसका जूता जल गया। सूचना देकर फायर फाइटर बुलाया। अफसरों ने पानी डालने से इंकार कर दिया। उनका मानना था कि कक्ष के अंदर एसिड जला है। आंखों में आंसू आ रहे हैं। शाम को ईवीएम मशीनों को बाहर निकाला गया। इसमें 8 पूरी तरह से जली मिली। इसके अलावा अन्य मशीनों को भी नुकसान हुआ है।



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