झाबुआ के झोसर में गहराया जलसंकट: चार दिन से बिजली ठप, हैंडपंप-कुओं से पानी लेने को मजबूर ग्रामीण; कर्मचारियों पर वसूली के आरोप – Jhabua News

झाबुआ के झोसर में गहराया जलसंकट:  चार दिन से बिजली ठप, हैंडपंप-कुओं से पानी लेने को मजबूर ग्रामीण; कर्मचारियों पर वसूली के आरोप – Jhabua News




झाबुआ जिले के पेटलावद की ग्राम पंचायत झोसर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। करीब 3500 की आबादी वाली इस पंचायत में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है, जिसके कारण ‘जल जीवन मिशन’ के तहत बनी पानी की टंकियां खाली पड़ी हैं। तपती धूप में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, सिर पर बर्तन रखकर पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। बकाया बिल की गाज, पूरे फलिये अंधेरे में ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनी ने मेडा फलिया और डाबरिया फलिया की बिजली बकाया राशि के चलते काट दी है। इस कटौती का असर निनामा और पारगी फलिया पर भी पड़ा है, क्योंकि इनकी जलापूर्ति डाबरिया फलिया के ट्रांसफार्मर से जुड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमित बिल भरने वाले और शासन की माफी योजना के पात्र ग्रामीण भी इस सामूहिक दंड की चपेट में आ गए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों पर वसूली के आरोप ग्रामीण विजय कटारा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी बिल की राशि तो वसूल लेते हैं, लेकिन उसे रिकॉर्ड में जमा नहीं करते। इस धोखाधड़ी का खामियाजा अब पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। शादियों के सीजन और चिलचिलाती गर्मी में बिजली न होने से लोग महंगे किराए पर जनरेटर लाने को विवश हैं। गहरे कुओं और खराब पड़े हैंडपंपों से पानी खींच रहे स्थानीय निवासी रेखा भूरिया ने बताया कि चार दिनों से बिजली न होने से घर के कामकाज ठप हैं। सबसे ज्यादा समस्या मवेशियों के लिए पानी जुटाने में आ रही है। ग्रामीण अब अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे कुओं और खराब पड़े हैंडपंपों से पानी खींच रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि शैतान भूरिया ने बताया कि इसे लेकर लाइनमैन और जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है। वहीं बिजली कंपनी के JE हेमंत बामनिया ने बताया- क्षेत्र पर करीब सवा लाख रुपए की राशि बकाया है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है। यदि किसी कर्मचारी ने पैसे लेकर जमा नहीं किए हैं, तो ग्रामीण सीधे उनसे संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।



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