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Animal Husbandry Tips: अगर आप भी अपने दुधारू पशुओं को स्वस्थ और ताकतवर बनाना चाहते हैं तो उन्हें अपने पशुओं की डी वार्मिंग जरूर करा लेनी चाहिए. डी वार्मिंग कराने से पशु की भूख बढ़ती है और बाल्टी भर-भर कर दूध भी देता है. क्या है डी-वार्मिंग? क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट से जानें…
Chhatarpur News. अगर आपका दुधारू पशु स्वस्थ और ताकतवर होगा तो वह दूध भी बाल्टी भर-भर कर देगा. इसके लिए पशुपालक एक्सपर्ट की कुछ टिप्स अपनाकर पशुओं का दूध बढ़ा सकते हैं. दरअसल, पशुओं के पेट में कीड़े होते हैं, जिस पर पशुपालक विशेष ध्यान नहीं देते हैं. इसके चलते पशुओं की भूख में कम आती है और वह कमजोर भी पड़ जाते हैं, जिसके कारण उनका दूध भी कम हो जाता है.
डी-वार्मिंग क्यों जरूरी?
छतरपुर के पशु चिकित्सक डॉ. मातादीन पटेल ने लोकल 18 को बताया कि ज्यादातर पशुपालक अपने दुधारू पशुओं की डी-वार्मिंग नहीं कराते हैं. इसके कारण उनके पशुओं का स्वास्थ्य खराब रहता है. वे कमजोर पड़ जाते हैं. इससे पशुओं का दूध भी स्वत: कम होने लगता है. दरअसल, पशुओं के पेट में 12 महीने कीड़े बने रहते हैं. इन कीड़ों की वजह से पशुओं को भूख भी नहीं लगती है. धीरे-धीरे पशु कम खाने लगता है. अगर पशु जो भोजन खाता भी है, वह कीड़े ही खा लेते हैं. पशुओं को वह भोजन नहीं लगता, इसलिए डी वार्मिंग बहुत जरूरी है.
हर माह सिर्फ 1 गोली
डॉ. मातादीन बताते हैं कि डी वार्मिंग में पशुओं को हर 3 माह या हर 1 महीने में एक गोली जरूर खिलानी चाहिए. ये गोली आप नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या मेडिकल स्टोर से भी ले सकते हैं. ये गोली जोल नाम से आती है, जैसे एल्बेंडाजोल.
छोटे से लेकर बड़े पशुओं को खिलाएं
ये गोलियां सिर्फ बड़े पशुओं को ही नहीं खिलानी हैं, बल्कि छोटे बछड़े या पड़वा को भी खिला सकते हैं. हालांकि, छोटे जानवरों को आधी गोली का ही डोज दे सकते हैं. आप इस गोली को रोटी या आटा के साथ खिला सकते हैं. साथ ही पानी में भी खिला सकते हैं. डॉक्टर बताते हैं कि ये गोलियां अपने पशुओं को 12 महीने खिलाना चाहिए.
डी-वार्मिंग क्या है?
डी वार्मिंग (Deworming) (कृमिनाशक) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मनुष्यों या पशुओं के पेट और आंतों से परजीवी कीड़ों (जैसे राउंडवर्म, टेपवर्म) को हटाने के लिए विशेष दवाएं (वर्मीसाइड) दी जाती हैं. इसका उद्देश्य शरीर से हानिकारक कीड़ों को मारकर बाहर निकालना है. ताकि पोषण का सही अवशोषण हो सके. इसके लिए अल्बेंडाजोल (Albendazole) जैसी दवाएं दी जाती हैं.
कब डी वार्मिंग जरूरी?
पेट दर्द, कमजोरी, भूख कम लगना, अचानक वजन घटना, मल में कीड़े दिखना या दस्त होना, यह संकेत देते हैं कि डी वार्मिंग की आवश्यकता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें