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Turning point: भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर ओवरऑल तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया. भारत की खिताबी जीत में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के साथ साथ गेंदबाजों का अहम रोल रहा. टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर बनाकर इतिहास रचते हुए अपने घर में ट्रॉफी जीती. फाइनल मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट टॉस रहा. टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाना न्यूजीलैंड कप्तान की सबसे बड़ी गलती थी.
मिचेल सैंटनर का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला उनकी सबसे बड़ी गलती थी.
नई दिल्ली. क्रिकेट में कहा जाता है कि कभी-कभी आप मैच मैदान पर नहीं, बल्कि टॉस के समय ही हार जाते हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड के कप्तान के साथ ठीक यही हुआ. जैसे ही सिक्का उछला और न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, दिग्गज हैरान रह गए. नरेंद्र मोदी स्टेडियम की उस सपाट पिच पर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता देना न्यूजीलैंड के लिए ‘डेथ वारंट’ साबित हुआ. अहमदाबाद की यह पिच पूरी तरह से एक ‘हाइवे’ की तरह व्यवहार कर रही थी. यहां की लाल मिट्टी और तेज आउटफील्ड का मतलब था कि अगर बल्लेबाज टिक गया, तो रनों की बारिश तय थी.न्यूजीलैंड को लगा था कि शुरुआत में नमी का फायदा उठाकर वे मैट हेनरी और जैकब डफी से भारत को झटके देंगे, लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी रणनीतिक भूल थी.
फाइनल जैसे बड़े मंच पर हमेशा पहले बल्लेबाजी कर बोर्ड पर बड़ा स्कोर टांगना फायदेमंद होता है. न्यूज़ीलैंड ने यह मौका प्लेट में सजाकर भारत को दे दिया. जब संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पहले 6 ओवर में ही 92 रन कूट दिए, तब कीवी कप्तान के चेहरे पर साफ दिख रहा था कि टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला उनके गले की फांस बन चुका है. 255 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य कीवियों के सामने एक ऐसी दीवार बनकर खड़ा थ , जिसे लांघना उनके बस के बाहर था. इतिहास गवाह रहेगा कि अहमदाबाद में न्यूजीलैंड की हार की कहानी किसी गेंदबाज ने नहीं, बल्कि उनके कप्तान के उस एक ‘गलत फैसले’ ने लिख दी थी. न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनेर से नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को भांपने में गलती हुई और टीम चयन में वह चूक गए. उन्होंने ऑफ स्पिनर कोल मैकोंची को नहीं चुना जिन्होंने सेमीफाइनल में क्विंटोन डिकॉक और रियान रिकेलटन को आउट किया था.
मिचेल सैंटनर का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला उनकी सबसे बड़ी गलती थी.
आखिरी मैच में फॉर्म में लौटे अभिषेक शर्मा
आखिरी मैच में फॉर्म में लौटे अभिषेक शर्मा और लगातार भारत के ‘मैन विनर’ साबित हो रहे संजू सैमसन के अर्धशतकों की मदद से भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में 5 विकेट पर रिकॉर्ड 255 रन बनाए. ईशान किशन ने 25 गेंद में 54 और शिवम दुबे ने आठ गेंद में नाबाद 26 रन बनाए. पूरे टूर्नामेंट में खराब फॉर्म से जूझते रहे अभिषेक ने 21 गेंद में 52 रन बनाए जबकि सैमसन ने 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. उन्होंने लांग आन, लांग आफ और स्क्वेयर लेग के ऊपर से कुल आठ छक्के लगाकर खचाखच भरे दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में बैठे दर्शकों को रोमांचित कर दिया.
संजू सैमसन ने मैदान के चारों ओर रन बनाए
सैमसन ने रचिन रविंद्र , लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी की गेंदों की जमकर धुनाई करके मैदान के चारों ओर रन बनाए. वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार पारियां खेलने वाले केरल के सैमसन ने एक और जबर्दस्त पारी खेलकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया. वहीं कश्मीर से कन्याकुमारी तक आलोचकों के कोपभाजन बने अभिषेक ने आखिरकार अपनी प्रतिभा के दर्शन कराते हुए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों को दबाव में ला दिया. उन्होंने 18 गेंद में 50 रन बनाए और छक्के के साथ अर्धशतक तक पहुंचे. न्यूजीलैंड ने 256 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवर में 88 के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे. टिम सिफर्ट 52 रन बनाकर आउट हुए. न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन पर ढेर हो गई. भारत ने फाइनल को 96 रन से जीतकर इतिहास रच दिया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें