सतना जिले में 3 करोड़ रुपएसे अधिक के राशन घोटाले के मामले में 12 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सहायक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई उचेहरा तहसील के अंतर्गत नागौद और उचेहरा थानों में रविवार को की गई। सीएम हेल्पलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई जांच कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 26 राशन दुकानों में खाद्यान्न वितरण नहीं होने की शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर मिली थीं। कई लोगों ने बताया था कि उन्हें समय पर राशन नहीं मिल रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचेहरा एसडीएम सोमेश द्विवेदी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन की टीम ने संबंधित राशन दुकानों के रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच शुरू की। जांच में सामने आई बड़ी अनियमितताएं जांच के दौरान कई दुकानों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। अधिकारियों ने जब दुकानों के रिकॉर्ड और गोदाम में मौजूद स्टॉक का मिलान किया तो दोनों में भारी अंतर पाया गया। जांच में पता चला कि कुल 26 दुकानों से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न गायब है। हजारों क्विंटल राशन मिला गायब जांच के दौरान 4897 क्विंटल गेहूं, 4132 क्विंटल चावल, 44 क्विंटल नमक और 28 क्विंटल शक्कर गायब पाई गई। अधिकारियों ने जब इसका मूल्य निकाला तो इन गायब खाद्यान्नों की कुल कीमत 3 करोड़ 1 लाख 68 हजार 884 रुपए आंकी गई। इतनी बड़ी मात्रा में राशन गायब मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। पहले दिए गए थे कारण बताओ नोटिस उचेहरा एसडीएम ने 22 फरवरी को सभी संबंधित राशन दुकानों के प्रबंधकों और विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि रिकॉर्ड और स्टॉक में इतना बड़ा अंतर क्यों है और राशन कहां गया। हालांकि नोटिस जारी होने के बाद भी किसी भी पक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जवाब नहीं मिलने पर दर्ज हुई एफआईआर जब संबंधित लोगों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अब वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित राशन दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सहायक विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर नागौद और उचेहरा थानों में दर्ज की गई है और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। इन दुकानों के संचालकों पर दर्ज हुआ मामला
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