अशोकनगर जिले के मां जानकी धाम करीला में रंग पंचमी के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले के पहले और दूसरे दिन लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं ने माता जानकी के दर्शन किए। आज मेले का तीसरा और आखिरी दिन है, हालांकि अब ज्यादातर श्रद्धालु वापस लौट रहे हैं। जानें वालों की संख्या काफी कम रहती है। रंग पंचमी की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। दोपहर तक मेला परिसर पूरी तरह से भर गया। मंदिर की कतारों में भी भक्तों की लंबी लाइनों में माता के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। पहाड़ी के ऊपर का पूरा स्थान 24 घंटे जनसैलाब से भरा रहा, जहां भक्तों का लगातार आना-जाना लगा रहा। सुबह से रात तक चलता है राई नृत्य
करीला की पहाड़ी पर रंग पंचमी को सुबह से लेकर अगली सुबह तक राई नृत्य का आयोजन चलता रहा। रात के समय रोशनी से सजी पहाड़ी और मेले की जगमगाती लाइटें इसकी सुंदरता बढ़ा रही थीं। रात में सबसे अधिक राई नृत्य हुए, जिसमें पहाड़ी के अलावा नीचे किनारे के खेतों में भी विभिन्न स्थानों पर स्टेज लगाकर उन लोगों ने बधाई राई नृत्य करवाए जिनकी मन्नतें पूरी हुई थीं। 1700 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात
मेले की व्यवस्थाओं को देखते हुए लगभग 1700 पुलिस जवान तैनात किए गए थे, जिन्होंने लगातार मोर्चा संभाले रखा। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद रहे। कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा, एसडीओपी इसरार खान, मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछवाह और बहादुरपुर थाना प्रभारी नीलम यादव लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। सभी अधिकारी लगातार मेला परिसर मंदिर परिसर सहित सभी सेक्टरों का पैदल भ्रमण का जायजा लेते रहे। अधिकारियों की मुस्तैदी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद मेला दो दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
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