शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र में बजरंग दल के विभाग संयोजक की कार में तोड़फोड़ के मामले में जमानत पर जेल से छूटे दो नामजद छात्र सोमवार को अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। छात्रों ने राजनीतिक दबाव में झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर प्रकरण को शून्य करने और केस डायरी किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग की है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आर.के. पुरम निवासी बीए प्रथम वर्ष के छात्र दिव्यम सैनी और इंजीनियरिंग छात्र आशुतोष लोधी पर बजरंग दल नेता की कार में तोड़फोड़ का आरोप है। यह घटना 27 फरवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे की बताई जा रही है। जिसके बाद थाना देहात में दोनों छात्रों के खिलाफ अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए थे छात्र घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई थी। सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे दोनों छात्रों ने दावा किया है कि उन्हें इस पूरे विवाद में झूठा फंसाया गया है। करियर खराब होने का डर, कठोर धाराओं का विरोध छात्रों का कहना है कि पुलिस ने बिना पूरी जांच किए उनके खिलाफ सीधे कठोर धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। उनका कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई से उनके भविष्य और करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 3 मार्च को छात्रों की माताओं ने भी की थी शिकायत इससे पहले 3 मार्च को भी दोनों छात्रों की माताएं सुषमा सैनी और रामश्री लोधी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची थीं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की और उनके परिवार का पक्ष ठीक से नहीं सुना गया। केस डायरी दूसरे अधिकारी को सौंपने की अपील सोमवार को परिजनों ने एसपी से एक बार फिर मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और केस डायरी किसी अन्य अधिकारी को सौंपी जाए। परिजनों ने यह भी अनुरोध किया है कि यदि जांच में कोई त्रुटि सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
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