राजगढ़ में कल (10 मार्च) से शुरू होने वाले 112वें बाबा बदख्शानी दरगाह के सालाना उर्स मेले से पहले ध्वनि प्रदूषण और मेले की अवधि को लेकर मुद्दा उठा है। सोमवार शाम सर्व हिंदू समाज के करीब 30-40 सदस्यों ने कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से नियम तय करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि बाबा बदख्शानी दरगाह पर परंपरागत रूप से 10 से 12 मार्च तक तीन दिवसीय उर्स मेला आयोजित होता रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में दुकानें, झूले और मनोरंजन के साधन लगाए जाते हैं। हालांकि, समय के साथ इसकी अवधि बढ़कर लगभग 15 दिन हो गई है। लाउडस्पीकर को लेकर आपत्ति जताई
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मेले के दौरान देर रात तक तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाए जाते हैं। मार्च माह में स्कूल-कॉलेजों की परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे देर रात तक बजने वाले लाउडस्पीकर विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित करते हैं। यह आसपास के निवासियों के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। ज्ञापन में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 और न्यायालयों के आदेशों का हवाला दिया गया। इन नियमों के अनुसार, रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध है। समाज ने शिकायत की है कि मेले के दौरान इन नियमों का अक्सर उल्लंघन होता है। सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन से मांग की है कि उर्स मेले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की जाए। साथ ही, मेले की अवधि को परंपरागत तीन दिन तक सीमित किया जाए और नियमों का उल्लंघन होने पर उर्स कमेटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपते समय समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
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