इंदौर के बाणगंगा इलाके में युवती से अश्लील कमेंट करने का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। आरोप है कि बदतमीजी का विरोध करने पर आरोपियों ने पीड़ित परिवार के घर पर पथराव कर दिया जिससे घर के शीशे फूट गए और बीच सड़क पर खड़े होकर धमकियां दीं। हैरानी की बात यह है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज और धमकाने के वीडियो होने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बजाय सिर्फ एनसीआर काटकर पीड़ित परिवार को थाने से लौटा दिया।
एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने बाबी और उसके साथी ऋषि कुशवाह के खिलाफ एनसीआर काटी है। दोनों ने अश्लील कमेंट किए और बदतमीजी की। युवती ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद युवती के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे।
आरोपियों ने उन्हें भी अपशब्द कहे और खुलेआम धमकाते हुए सड़क पर हंगामा किया। परिवार का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनके घर पर पथराव भी किया। घटना के कुछ वीडियो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज नहीं किया।
पीड़ित युवती के चाचा ने बताया कि आरोपी इलाके में सड़क पर कब्जा कर दुकानें चलाते हैं। इस संबंध में वे नगर निगम और पुलिस को 25 से ज्यादा शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया जाता है। उनका आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और अब वे खुलेआम धमकियां दे रहे हैं।
पीड़िता के चाचा ने रविवार को थाने में शिकायत की। सोमवार को उन्हें टीआई सियाराम गुर्जर से मिलने थाने बुलाया गया। यहां पर पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार पर ही ब्राड ओवर करने की बात कही। उन्हें एसीपी के सामने पेश होने को लेकर धमकाया। हालांकि परिवार ने इस मामले में वरिष्ठ अफसरों से जनसुनवाई में शिकायत करेंगे।
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