डाकघर से विदेश भेजें सामान; घर से पिकअप, कूरियर से 25% तक सस्ता

डाकघर से विदेश भेजें सामान; घर से पिकअप, कूरियर से 25% तक सस्ता


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Sidhi News: डाकघर निर्यात केंद्र से पार्सल भेजना निजी कूरियर कंपनियों की तुलना में काफी सस्ता है. आमतौर पर निजी कंपनियां वॉल्यूमेट्रिक वजन के आधार पर शुल्क लेती हैं, यानी पैकेजिंग सहित पूरे वजन का पैसा लिया जाता है जबकि डाकघर निर्यात केंद्र में केवल उत्पाद के वास्तविक वजन के आधार पर ही शुल्क लिया जाता है.

सीधी. डाक विभाग अपनी सेवाओं को लगातार आधुनिक बना रहा है, जिससे ग्राहकों और खासकर छोटे कारोबारियों को बड़ी सुविधा मिल रही है. विदेशों में अपने उत्पाद भेजने के इच्छुक उद्यमियों के लिए डाक विभाग ने डाक निर्यात केंद्र (डीएनके) के जरिए अंतरराष्ट्रीय पार्सल भेजने की प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया है. अब निर्यात केंद्र पर सामान की सुरक्षित पैकेजिंग की विशेष सुविधा भी शुरू कर दी गई है. इसके लिए प्रधान डाकघर में पार्सल पैकेजिंग के लिए अलग से काउंटर खोला गया है, जहां उपभोक्ता मामूली शुल्क देकर अपने उत्पाद की बेहतर पैकिंग करा सकते हैं. मध्य प्रदेश के सीधी के डाकघर सहायक अधीक्षक प्रमोद अग्निहोत्री ने लोकल 18 को बताया कि डाक निर्यात केंद्र की सुविधा शुरू होने के बाद कारोबारियों को काफी राहत मिली है. अब उद्यमियों को अपने उत्पाद विदेश भेजने के लिए ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ती. सिर्फ एक फोन कॉल करने पर डाकघर के कर्मचारी घर से ही सामान पिकअप कर लेते हैं. इसके बाद निर्यात से जुड़ी सभी कागजी प्रक्रियाएं पोस्ट ऑफिस की टीम खुद पूरी करती है और पार्सल को दुनिया के किसी भी देश में भेज दिया जाता है.

उन्होंने बताया कि पिछले साल डाकघर निर्यात केंद्र की शुरुआत की गई थी और तब से लेकर अब तक इस सेवा का दायरा लगातार बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी और उद्यमी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं. खासकर ऐसे लोग जिनके पास बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वे भी अब आसानी से अपने उत्पाद विदेशों तक पहुंचा पा रहे हैं.

दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
प्रमोद अग्निहोत्री ने आगे बताया कि निर्यात की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उद्यमी के पास केवल पैन नंबर, जीएसटी नंबर और बैंक खाता होना जरूरी है. इसके बाद पोस्टमास्टर और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव बाकी सभी जरूरी दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी कर देते हैं. इससे उद्यमियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा काम आसान हो जाता है.

निजी कंपनियों की तुलना में सस्ता
उन्होंने यह भी बताया कि डाकघर निर्यात केंद्र से पार्सल भेजना निजी कूरियर कंपनियों की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है. आमतौर पर निजी कूरियर कंपनियां वॉल्यूमेट्रिक वजन के आधार पर शुल्क लेती हैं, यानी पैकेजिंग सहित पूरे वजन का चार्ज लिया जाता है जबकि डाकघर निर्यात केंद्र में केवल उत्पाद के वास्तविक वजन के आधार पर ही शुल्क लिया जाता है. इस वजह से यहां से पार्सल भेजने पर करीब 20 से 25 फीसदी तक खर्च कम हो जाता है. इसके साथ ही कम कीमत पर पैकेजिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान
डाक विभाग की यह पहल छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्थानीय उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है. इससे उन्हें अपने उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का मौका मिल रहा है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने का रास्ता भी खुल रहा है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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