रायसेन जिला अस्पताल में 7 मार्च की रात प्रसव के दौरान हुई कथित लापरवाही और स्टाफ द्वारा महिला के पति से अभद्रता कर थप्पड़ मारने के मामले में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने संज्ञान लिया है। ‘डिजिटल भास्कर’ में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को उन्होंने जांच के आदेश देते हुए अपर कलेक्टर से तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। यह पूरा मामला रायसेन जिले के ग्राम बड़ौदा के रहने वाले अभिषेक जाटव से संबंधित है। उन्होंने अपनी पत्नी वंदना जाटव को प्रसव पीड़ा होने पर 7 मार्च की रात करीब 9 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रात 3 बजे तक तड़पती रही पत्नी, स्टाफ ने नहीं दिया ध्यान अभिषेक जाटव का आरोप है कि अस्पताल में रात करीब 3 बजे तक उनकी पत्नी की डिलीवरी नहीं हुई और उसका दर्द लगातार बढ़ता ही गया। पीड़ित पति के अनुसार, पत्नी की गंभीर स्थिति के बावजूद अस्पताल के स्टाफ ने उन पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया और घोर लापरवाही बरती। ऑपरेशन की मांग करने पर की अभद्रता और मारा थप्पड़ पीड़ित अभिषेक ने बताया कि जब उन्होंने स्टाफ को पत्नी की गंभीर स्थिति के बारे में बताया और ऑपरेशन करने की मांग की, तो अस्पताल कर्मियों ने लापरवाही दिखाई। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने अभिषेक के साथ जमकर अभद्र व्यवहार किया और विवाद करते हुए उन्हें थप्पड़ तक मार दिया। भास्कर की खबर पर कलेक्टर का एक्शन, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट इस पूरे मामले और अस्पताल की लापरवाही को सोमवार को डिजिटल भास्कर ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और जांच के सख्त आदेश जारी कर दिए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय को निर्देश दिए हैं कि वे मामले की विस्तृत जांच करें और तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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