सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के कोर क्षेत्र से कॉलर आईडी लगा दूसरा बाघ भी बाहर निकल आया है। यह बाघ नर्मदापुरम के टेरिटोरियल के जंगल में विचरण कर रहा है। दोनों बाघों के कोर क्षेत्र से बाहर निकल आने के बाद वन विभाग भी अलर्ट है। कालर आईडी से मिली लोकेशन के आधार पर एसटीआर और टेरिटोरियल की टीम निगरानी और देखेख कर रही है। एसटीआर फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा का कहना कॉलर आईडी लगे दोनों बाघ घूमते हुए एसटीआर से बाहर निकल गए। उनकी देखरेख कर रहे है। ग्रामीणों से अपील है कि अगर बाघ का मूवमेंट दिखे तो घबराएं नहीं। फॉरेस्ट टीम को सूचना दें। टीम बाघ की लोकेशन पर नजर बनाएं रखी है। 2 जनवरी को छोड़ा गया था जंगल से बाहर निकले बाघ को पिछले महीने 2 जनवरी को मालनी बाड़े से चूरना के जंगल में छोड़ा गया था। एसटीआर प्रबंधन ने दो बाघों को कोर जंगल में छोड़ा, ताकि वे अपना खुद का इलाका (टेरिटरी) बना सकें। जंगल में छोड़ने से पहले दोनों बाघों को कॉलर आईडी लगाई गई है, जिससे उनकी मूवमेंट की मॉनिटरिंग की जा रही है। 17 फरवरी को एक बाघ एसटीआर से निकलकर टेरिटोरियल के इटारसी रेंज के जंगल में जा पहुंचा। दूसरा बाघ भी दो दिन से एसटीआर से बाहर निकला हुआ है। जो तवा डैम के पास घूम रहा है।
मां से बिछड़े थे, इसलिए बाड़े में शिकार करना सिखाया, फिर छोड़ा पिछले साल मार्च 2025 में रायसेन की भोजपुर रेंज में 2 बाघ मादा बाघिन से बिछड़े थे, तब दोनों बाघों की उम्र 14-15 महीने थी। तब मां बाघिन से दोनों बिछड़ गए थे। जिससे जंगल में सर्वाइव करने के लिए जो चीजें उन्हें मां से सीखनी चाहिए थीं, वे बिछड़ने के कारण सीख नहीं पाए थे इसलिए उन्हें रेस्क्यू कर चूरना के मालनी स्थित बाड़े में रखा गया। यहां पिछले 8 महीनों तक एसटीआर प्रबंधन की देखरेख में उन्हें शिकार की बारीकियां सिखाई गईं। फिर 2 जनवरी 2026 को दोनों को कोर क्षेत्र में खुले जंगल में छोड़ा गया। दोनों के गले में कॉलर आईडी डाली गई।
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