नई दिल्ली: विराट कोहली (Virat Kohli) की टीम इंडिया ने साल 2019 में ऑस्ट्रेलिया (Australia) को उसी की जमीन पर हराकर वो कर दिखाया था, जो इस से पहले कोई नहीं कर सका था. यहां तक कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid), वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) और सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) जैसे दिग्गजों से भरी टीम भी ऑस्ट्रेलिया को कभी उसी के घर में हराने में कामयाब नहीं हो पायी, लेकिन विराट की टीम ने ये अद्भुत कारनामा कर दिखाया था.
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हालांकि उस वक्त स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और डेविड वॉर्नर (David Warner) की कमी ऑस्ट्रेलियाई टीम को बहुत खली थी. इस बात को भारत के पूर्व कैप्टन राहुल द्रविड़ भी स्वीकार करते हैं कि अगर स्मिथ और वॉर्नर उस वक्त ऑस्ट्रेलियाई टीम में होते तो भारत को उस सीरीज में इतनी आसानी से जीत नसीब नहीं होती. द्रविड़ का मानना है कि स्मिथ और वॉर्नर की टीम में वापसी के बाद ऑस्ट्रेलिया काफी मजबूत हो गयी है और इन दोनों खिलाड़ियों की वजह से टीम इंडिया को आने वाले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर पहले की तुलना में काफी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.
द्रविड़ ने फेसबुक पर एक लाइव चैट के दौरान कहा, ‘स्मिथ और वार्नर की कमी ऑस्ट्रेलिया के लिए बहुत बड़ी चीज थी क्योंकि उनका टीम पर काफी बड़ा प्रभाव है. ये दोनों ऑस्ट्रेलिया के 2 टॉप बल्लेबाज हैं और ये टीम के लिये सबसे ज्यादा रन जुटाते हैं. हमने देखा है कि स्मिथ जैसे खिलाड़ी का एशेज में क्या प्रभाव था, यहां तक कि वार्नर फॉर्म में नहीं थे, लेकिन वह मार्नस लाबुशेन (Marnus Labuschagne) के साथ सीरीज को आगे ले गए. लेकिन हां, इन दोनों की मौजूदगी से भारत के लिए ये दौरा इस बार काफी चुनौतीपूर्ण होगा. लेकिन मैं कहूंगा कि भारत में प्रतिस्पर्धा करने के लिये ताकत मौजूद हैं और उनके पास शीर्ष स्तरीय खिलाड़ी भी हैं. इसलिये यह सीरीज अच्छी होनी चाहिए, हर कोई इस भिड़ंत को देखने के लिये उत्सुक है.’
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज 3 दिसंबर से ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर शुरू होगी. ब्रिस्बेन के बाद दूसरा टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जाएगा, तो तीसरा और चौथा टेस्ट मेलबर्न और सिडनी में होगा. द्रविड़ से पहले ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर मैथ्यू वेड (Matthew Wade) ने भारत के खिलाफ सीरीज को एक कड़ी चुनौती बताया था और कहा था कि भारतीय टीम हर डिपार्टमेंट में काफी मजबूत है, फिर चाहें बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या फिर फील्डिंग, टीम इंडिया खेल के किसी भी विभाग में ऑस्ट्रेलिया से कम नहीं है. इसलिए इस सीरीज का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों में सो कौन सी टीम मुश्किल समय में अपना बेस्ट क्रिकेट खेलती है, जो टीम ऐसा कर लेगी वही सीरीज विजेता बनेगी.