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Khandwa News: करीब 70 साल पहले राठौर धर्मशाला में ये मूर्ति जयपुर से मंगाई गई थी. उस समय इसे स्थापित करना था, लेकिन किसी कारण से स्थापना नहीं हो सकी. फिर ये मूर्ति कई सालों तक रखी रही. इस कारण इसका रंग और श्रृंगार खराब हो गया. अब इस पर सोने का पानी चढ़ाया जा रहा है. जानें क्या है तैयारी…
Khandwa News: मध्य प्रदेश के खंडवा में एक बेहद खास धार्मिक कार्य इन दिनों चर्चा में है. यहां राठौर समाज की करीब 70 साल पुरानी भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की संगमरमर की मूर्ति का फिर से श्रृंगार किया जा रहा है. इस मूर्ति पर अब सोने की परत (गोल्ड लीफ) चढ़ाई जा रही है, जिससे इसकी भव्यता और बढ़ जाएगी. बताया जा रहा कि यह मूर्ति करीब डेढ़ कुंटल से ज्यादा वजन की है. इसकी ऊंचाई करीब 3 फीट है. संगमरमर से बनी इस प्रतिमा की नक्काशी काफी आकर्षक है. मूर्ति को जयपुर के कारीगरों ने तैयार किया था और अब इसे खंडवा में स्थापित करने की तैयारी है.
70 साल पहले लाई गई थी मूर्ति
जानकारी के मुताबिक, करीब 60 से 70 साल पहले खंडवा की राठौर धर्मशाला में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की यह मूर्ति जयपुर से मंगाई गई थी. उस समय इसे मंदिर में स्थापित करने की योजना थी, लेकिन किसी कारण से स्थापना नहीं हो सकी. इसके बाद यह मूर्ति कई सालों तक सुरक्षित रखी रही. समय के साथ इसका रंग और श्रृंगार खराब हो गया था. अब समाज के लोगों ने इसे दोबारा तैयार कराकर स्थापना कराने का फैसला लिया है.
सोने की परत से श्रृंगार
Local 18 से बातचीत में कलाकार बैजनाथ सराफ ने बताया, यह मूर्ति काफी पुरानी है और अभी तक इसकी प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई थी. अब इसका पूरा श्रृंगार और रंग-रोगन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मूर्ति के मुकुट, आभूषण और जहां-जहां गोल्डन रंग है, वहां गोल्ड लीफ का काम किया जा रहा है. गोल्ड लीफ बेहद पतली सोने की परत होती है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होती. इसी तकनीक का इस्तेमाल जैन मंदिरों और बड़े मंदिरों में भी किया जाता है.
खास क्वालिटी के रंग का इस्तेमाल
कलाकार बैजनाथ सराफ के अनुसार, मूर्ति पर उच्च गुणवत्ता वाले रंग का उपयोग किया जा रहा है, ताकि लंबे समय तक इसकी चमक बनी रहे. गोल्ड लीफ की एक-एक पतली परत बहुत सावधानी से लगाई जाती है. उन्होंने बताया कि इस तरह का काम आमतौर पर जयपुर और दक्षिण भारत के मंदिरों में ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन अब खंडवा में भी इसी तरह की कलाकारी की जा रही है.
स्थापना के बाद दिखेगा अलग ही नजारा
जब इस मूर्ति की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा होगी, तब भक्तों को इसका भव्य रूप देखने को मिलेगा. सोने की परत और नए श्रृंगार के साथ यह मूर्ति मंदिर में आकर्षण का केंद्र बनेगी. करीब सात दशक पुरानी इस प्रतिमा को अब नया रूप दिया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस अनोखी मूर्ति के दर्शन कर सकेंगी.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें