रीवा जिले में अब खुले स्थानों पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति और लाइसेंस के मांस और मछली की बिक्री नहीं की जा सकेगी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रतिभा पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के बाद बिना वैध लाइसेंस के मांस-मछली का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित हो गया है। प्रशासन के अनुसार, नगर निकायों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर और आसपास के कई इलाकों में सड़क किनारे और अस्थायी दुकानों के जरिए खुले में पशुमांस और मछली बेची जा रही है। लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण न केवल गंदगी फैल रही थी और आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही थी, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति बन गई थी।
बीमार पशुओं का मांस बेचने और फेरी लगाने पर भी रोक
जारी किए गए नए आदेश के तहत रीवा जिले में अब कोई भी व्यक्ति मानव उपभोग के लिए बीमार पशुओं का मांस न तो बेचेगा, न खुले में प्रदर्शित करेगा और न ही फेरी लगाकर इसकी बिक्री कर सकेगा। इसके साथ ही, बिना पूर्व अनुमति के कोई भी व्यक्ति नया निजी बाजार स्थापित कर मांस या मछली का विक्रय नहीं कर पाएगा। नियम तोड़ा तो होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना किसी भी स्थान पर मांस या मछली का विक्रय या प्रदर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के लिए इस आदेश का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
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