नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मंत्र और प्रिय भोग

नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मंत्र और प्रिय भोग


उज्जैन. चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व कुछ दिनों में शुरू होने वाला है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाने के लिए धरती पर आती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन भक्त विधि-विधान से माता की आराधना करते हैं और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करते हैं. उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने की सही विधि और भोग के बारे में जानना बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे माता की कृपा प्राप्त हो सके.

उन्होंने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा श्रद्धा और विधि-विधान से की जाती है. मान्यता है कि उनकी आराधना करने से व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है. मां चंद्रघंटा का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से शुक्र से जुड़े दोष कम हो सकते हैं. देवी की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है. जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो, उन्हें भी मां चंद्रघंटा की पूजा से लाभ मिलने की मान्यता है. उनकी कृपा से जीवन में उन्नति और सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं.

कैसा है मां चंद्रघंटा का स्वरूप?
मां चंद्रघंटा की सवारी सिंह है और उनका रूप सौम्य है. सिंह पर सवार मां चंद्रघंटा का स्वरूप शांतिदायक है. उनके माथे पर अर्धचंद्र है, इसलिए उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. उनकी 10 भुजाएं हैं और सभी अलग-अलग शस्त्रों से विभूषित हैं. वह हाथ में गदा, त्रिशूल, तलवार और धनुष धारण करती हैं. उनकी मुद्रा ऐसी है, जैसे वह दुष्टों का दमन और विनाश करने में सदैव तत्पर हैं, इसलिए अपने भक्तों के कष्टों का निवारण वह त्वरित रूप से करती हैं.

मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग
नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की विशेष पूजा की जाती है. ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, उनकी उपासना करने से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है. इस दिन माता को दूध से बनी मिठाइयां, खीर और अन्य स्वादिष्ट भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है.

जरूर करें इन मंत्रों का जाप
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।।

पिंडज प्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥



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