ईरान-इजरायल युद्ध से हिला भोपाल! गैस किल्लत के बीच दाल, मसाला, मेवा महंगा, जानें हालात

ईरान-इजरायल युद्ध से हिला भोपाल! गैस किल्लत के बीच दाल, मसाला, मेवा महंगा, जानें हालात


रिपोर्ट: आचार्य शिवकांत

भोपाल: ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब भोपाल के बाजारों पर खासा देखने को मिल रहा है. अभी तक तो LPG गैस सिलेंडर के लिए लोग परेशान थे, पर अब खाद्य सामग्री भी महंगी होने लगी है. युद्ध का अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई खाद्य वस्तुओं के दामों में तेजी आई है. खासकर दाल, मसाले, ड्राई फ्रूट्स अचानक महंगे हो गए.

भोपाल के थोक व्यापारियों का कहना है कि अगर युद्ध इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में भीषण ‘महंगाई बम’ फूटने वाला है. भोपाल में गैस सिलेंडर को लेकर घमासान मचा है. वहीं, किराना बाजारों में रोजमर्रा की चीजें भी महंगी होना शुरू हो गई हैं. अब युद्ध का सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ रहा है.

मूंग, मसूर, चना दाल के भाव बढ़े
भोपाल में दालों के बाजार में भी तेजी का माहौल है. हरी मूंग करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 100 रुपये, चना 150 रुपये, मूंग मोगर लगभग 125 रुपये तथा चना दाल करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल तक तेज बताई जा रही है. वहीं, तुअर दाल के भाव में भी करीब 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साथ ही मसाले, ईरान से आने वाले सूखा मेवा, खाने के तेल, पैकिंग सामान के दाम में भी उछाल दर्ज किया गया.

मसाले भी महंगे
मसालों के बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है. मिर्ची लगभग 50 रुपये प्रति किलो और धनिया करीब 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई है. ड्राई फ्रूट्स के दामों में भी तेजी आई है. पिस्ता करीब 250 रुपये प्रति किलो, अंजीर 100 रुपये प्रति किलो, दालचीनी करीब 5 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है. केसर भी महंगी हो गई है .

कुछ सामग्री सस्ती भी हुई
इस संबंध में भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया, पिस्ता, अंजीर, दालचीनी सहित कई ड्राई फ्रूट्स ईरान के रास्ते भारत आते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर इनके दामों पर पड़ा है. वहीं, भारत से जाने वाले कुछ उत्पादों के दामों में गिरावट भी देखी जा रही है. खोपरा पाउडर करीब 50 रुपये, मखाने 100 रुपये तथा हरी इलायची लगभग 200 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है.

पैकेजिंग सामान भी महंगा
विवेक साहू ने बताया, क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से पैकेजिंग सामान 50 प्रतिशत तक महंगा हो गया है. प्लास्टिक पैकेजिंग आइटम्स के रेट बढ़ गए हैं. खाद्य तेलों में भी तेजी है. सोयाबीन तेल पिछले 15 दिन में 14 रुपये प्रति किलो महंगा हुआ है. मूंगफली तेल का 15 लीटर जार 2120 रुपये से बढ़कर 2650 रुपये पहुंच गया है.

कालाबाजारी का डर, टीम रख रही नजर
वहीं युद्ध के चलते खाद्य पदार्थों के दामों में बढोत्तरी के चलते कालाबाजारी की भी आंशका जताई जा रही है. इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मानें तो इसको लेकर मुख्यमंत्री ने एक तीन सदस्यीय मंत्रियों की कमेटी बनाई है, जो स्थिति पर नजर रख रही है. साथ ही कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.



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