कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में आगामी 13 से 17 मार्च तक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर (प्राचीन वैभव का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ एवं संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारत और विश्व के विभिन्न देशों की सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा, पौराणिक कथाओं और विश्व सभ्यताओं से जुड़े विषयों को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक, कलाकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 13 मार्च 2026 की प्रमुख हिंदी फीचर फिल्में अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्में विदेशी फीचर फिल्में 14 मार्च 2026 की प्रमुख फिल्में अन्य भारतीय भाषाएं विदेशी फीचर फिल्में मिसफिट एरे ओ ते हसेस (इक्वाडोर), द हाईलैंड वैनगार्ड (इंडोनेशिया), क्यूका एंसेस्ट्रल मेमोरी (वेनेजुएला), साचा – ए बॉय फ्रॉम चेर्नोबिल (क्यूबा), द लीप ऑफ द एंजल्स (वेनेजुएला) 15 मार्च 2026 की प्रमुख फिल्में अन्य भारतीय भाषाएं डॉक्यूमेंट्री विदेशी फीचर फिल्में सबमिशन फिल्में 16 मार्च 2026 की प्रमुख फिल्में हिंदी फीचर फिल्में अन्य भारतीय भाषाएं डॉक्यूमेंट्री विदेशी फीचर फिल्में शिव पुराण प्रदर्शनी और लोक नृत्यों की धूम 13 से 17 मार्च तक बहिरंग, कालिदास अकादमी में प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी। शिव पुराण चित्रकला प्रदर्शनी विशेष होंगी। प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से केरल म्यूरल चित्र शैली में सुजीथ कुमार द्वारा निर्मित शिव पुराण के आख्यानों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसका संयोजन त्रिवेणी संग्रहालय द्वारा किया है। प्रतिदिन सायं 7:00 बजे से शैव परंपरा पर आधारित डेरु जंगम, शिव तांडव, ओडूगुल्लू और काठी जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी। वहीं प्रतिदिन सायं 8:00 बजे से शास्त्रीय नृत्यों की विशेष प्रस्तुतियां होंगी, जिसमें कुचिपुड़ी (भावना रेड्डी), भरतनाट्यम (श्रीदेवी नृत्यालय), कथक (भास्वती मिश्रा) और ओडिसी (विचित्रानंद स्वेन) के’ साथ 16 मार्च को 12 ज्योतिर्लिंगों पर आधारित मिश्रित शैलियों का प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय ज्योतिष में वैध परंपरा वैशिष्ट्य एवं प्रमाण’ विषय संगोष्ठी महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी ‘भारतीय ज्योतिष में वेध परंपरा – वैशिष्ट्य एवं प्रमाण’ विषय पर 13 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से शोध सत्रों का संचालन होगा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत सहित अमेरिका, नेपाल, रूस और यूक्रेन जैसे देशों के प्रख्यात विद्वान अपने विचार साझा करेंगे। भारतीय ज्योतिष शास्र में ‘वेध’ की प्राचीन परंपरा, उसकी विशिष्टताओं और वैज्ञानिक प्रमाणों पर गहन मंथना संगोष्ठी में डॉ. आनंद भारद्वाज (यूएसए), प्रो. काशीनाथ न्यौपाने व माधव प्रसाद पाण्डेय (नेपाल), ओल्गा सोकोलोवा (रूस) और गोरदाना निस (यूक्रेन) जैसे विदेशी विद्वान वर्चुअली या प्रत्यक्ष रूप से जुड़ रहे हैं। देश के दिग्गज चक्ता प्रो. देवीप्रसाद त्रिपाठी, प्रो. विनय कुमार पांडेय, प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी और प्रो. रामचंद्र पाण्डेय सहित देश भर के 30 से अधिक वरिष्ठ आचार्य और शोधार्थी अपनी बात रखेंगे।
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