भिंड जिले के मिहोना थाने में पदस्थ टीआई विजय केन पर नशे की हालत में मारपीट करने का आरोप रिटायर्ड सूबेदार राकेश सिंह कुशवाह ने लगाया है। घटना के बाद पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी मिहोना थाने पहुंचे और घेराव कर विरोध जताया। मामले की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद उनके हस्तक्षेप से स्थिति शांत हुई। दैनिक भास्कर से बातचीत में पूर्व सैनिक संगठन के जिला अध्यक्ष एवं रिटायर्ड सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाह ने बताया कि बुधवार को वह पूर्व सैनिक संगठन के साथ मेहगांव में नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। इसी दौरान उनके पैतृक गांव असनेट में उनकी सरसों की खड़ी फसल को गांव के कुछ लोगों—पुष्पेंद्र, ज्ञानेंद्र, संदीप सहित अन्य—द्वारा काटे जाने की सूचना उनके भाई ने फोन पर दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने तुरंत भिंड एसपी असित यादव को आवेदन देकर शिकायत की। इसके बाद मिहोना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फसल कटने से रुकवा दिया। गुरुवार शाम वह अपने भाई राजेश के साथ मिहोना थाने पहुंचे और एसपी को दिए आवेदन की जानकारी दी। इस दौरान पुलिस ने उनका बयान दर्ज करने के लिए बैठाया और समझौते के लिए विरोधी पक्ष को भी थाने बुला लिया। राकेश सिंह के अनुसार, विरोधी पक्ष के लोग थाने में ही उन्हें धमकाने लगे, जिस पर थाने में मौजूद एक एसआई ने उन्हें बाहर जाने को कहा और वे चले गए। इसके बाद थाने के एक युवक ने उन्हें बताया कि टीआई साहब अंदर बुला रहे हैं।
राकेश सिंह का आरोप है कि जैसे ही वह टीआई के कक्ष में पहुंचे, वहां सादे कपड़ों में मौजूद टीआई ने गाली-गलौज करते हुए उनकी कॉलर पकड़ ली और मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह वह वहां से बचकर बाहर आए। इस दौरान उनकी जैकेट के बटन भी टूट गए। उन्होंने बताया कि वह अपनी कार में जाकर बैठ गए, लेकिन उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने कार का घेराव कर उन्हें बाहर उतार लिया और फिर मारपीट की। उन्होंने बताया कि घबराकर वह अपनी कार और शिकायती दस्तावेज मौके पर छोड़कर वहां से निकल आए और पूर्व सैनिक संगठन के साथियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद संगठन के पदाधिकारी मिहोना थाने पहुंच गए। रिटायर्ड सूबेदार का आरोप है कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय टीआई नशे की हालत में थे। उनका कहना है कि यदि उनकी बात गलत साबित होती है तो टीआई का मेडिकल परीक्षण कराया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ जाएगी।
टीआई ने आरोपों को बताया निराधार
इस पूरे मामले में जब टीआई विजय केन से बातचीत की गई तो उन्होंने मारपीट के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि “यह फौजी बेकार की बातें कर रहे हैं। मैंने किसी से मारपीट नहीं की, वे अपना रुतबा दिखाने की कोशिश करते हैं।” मिहोना टीआई को लेकर लहार विधायक भी नाराज
मिहोना टीआई को लेकर लहार विधायक अम्बरीष शर्मा भी नाराज बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीआई द्वारा नशे की हालत में लोगों से अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें पहले भी विधायक तक पहुंच चुकी हैं। बताया जाता है कि विधायक अम्बरीष शर्मा ने पूर्व में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से टीआई को हटाने की मांग की थी।
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