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Burhanpur News: कई होटल संचालकों ने मजबूरन पुराने जमाने के देसी चूल्हे निकाल लिए हैं, तो कोई मिट्टी और गोबर से आग भट्टियों का निर्माण कर किचन चला रहा है. होटल संचालकों ने कहा कि अगर यही हाल रहा, तो होटल चलाना मुश्किल हो जाएगा.
होटल संचालक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं.
रिपोर्ट- गणेश कुमार बाविस्कर, बुरहानपुर. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में अब खाड़ी देशों के जंग की आंच सीधे रसोई तक पहुंच गई है. ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर यहां के होटल कारोबार पर पड़ता दिख रहा है. शहर में कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने से होटल संचालकों की कमर टूट गई है. हालात ऐसे बन गए हैं कि गैस के बिना होटल चलाने के लिए अब लकड़ी, गोबर-मिट्टी और देसी चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है. दअसल बुरहानपुर में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलना बंद हो गया है. होटल और ढाबों में जहां पहले गैस की तेज आंच पर खाना पकता था, वहां अब लकड़ी की भट्टियां धधक रही हैं.
कई होटल संचालकों ने मजबूरी में पुराने जमाने के देसी चूल्हे निकाल लिए हैं, तो कोई गोबर, मिट्टी से आग भट्टियों का निर्माण कर रसोई चला रहा है. होटल संचालकों का कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो होटल चलाना मुश्किल हो जाएगा. लकड़ी से खाना बनाने में समय भी ज्यादा लगता है और खर्च भी बढ़ रहा है. गैस की किल्लत के बीच बाजार में कालाबाजारी की चर्चा भी तेज हो गई है, जिससे होटल संचालकों की परेशानी और बढ़ गई है.
गैस के मुद्दे पर सियासत तेज
इधर इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्म हो गई है. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए निशाना साधा है. रघुवंशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नालियों से गैस बनाने की बात करते हैं, तो फिर चिंता की कोई बात नहीं है. जल्द ही शायद बुरहानपुर को भी नालियों से गैस मिलने लगे. युद्ध के हालात में सरकार की दूरदर्शिता नजर नहीं आ रही है. प्रशासन को चाहिए कि गैस की कालाबाजारी पर सख्ती से लगाम लगाए.
गैस संकट से कब मिलेगी राहत?
फिलहाल बुरहानपुर के होटल संचालक गैस के इंतजार में लकड़ी और देसी चूल्हों के सहारे काम चला रहे हैं. अब सवाल यही है कि क्या प्रशासन गैस संकट और कालाबाजारी पर लगाम लगा पाएगा या फिर जंग की आंच यूं ही शहर की रसोई को झुलसाती रहेगी.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.