शहर के छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) द्वारा स्टेडियम का नाम बदलने का प्रस्ताव पास किए जाने के बाद कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। नगर निगम की एमआईसी ने छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके बाद कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे अनावश्यक विवाद बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि शहर को भव्य और आधुनिक स्टेडियम की जरूरत है। अगर नया स्टेडियम बनाया जाता है और उसका नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा जाता है तो यह पूरे शहर के लिए गौरव की बात होगी। उन्होंने कहा कि जब भी किसी स्वतंत्रता सेनानी या ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम की बात आती है तो बीजेपी नेताओं की कुंठा सामने आ जाती है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम में इनका कोई योगदान नहीं रहा, इसलिए वे ऐसे नामों का विरोध करते हैं। वहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले यह बताए कि छोटा नेहरू आखिर कौन हैं, जिनका नाम बदलने की बात पर इतना विवाद खड़ा किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि एक नेहरू की नीतियों का खामियाजा देश आज तक भुगत रहा है, और अब ये छोटे नेहरू कौन हैं, इसके बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। एमआईसी ने पास किया प्रस्ताव
नगर निगम की एमआईसी बैठक में छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव को लेकर अब शहर की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस-बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल यह प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि स्टेडियम का नाम बदला जाएगा या नहीं।
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