इंदौर में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: इम्यूनोथेरेपी की एक डोज की कीमत 1.70 लाख तक, सरकारी अस्पतालों में मिलेगा निःशुल्क – Indore News

इंदौर में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत:  इम्यूनोथेरेपी की एक डोज की कीमत 1.70 लाख तक, सरकारी अस्पतालों में मिलेगा निःशुल्क – Indore News




कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। जल्द ही शासकीय कैंसर अस्पताल में महंगी कैंसर रोधी इम्यूनोथेरेपी दवा के इंजेक्शन पात्र मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। अभी निजी अस्पतालों या क्लीनिक में इस इंजेक्शन की एक डोज के लिए 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक खर्च करना पड़ता है। चिकित्सकों के अनुसार इम्यूनोथेरेपी आधुनिक कैंसर उपचार पद्धति का हिस्सा है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करती है। यह थेरेपी फेफड़ों, त्वचा, सिर और गर्दन, सर्वाइकल सहित कई प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोगी मानी जाती है। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. ओपी गुर्जर के अनुसार, इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है। सरकार से अनुमति मिलने वाली है और अप्रैल में इसे दवा खरीदी सूची में शामिल करने की योजना है। इसके बाद शासकीय कैंसर अस्पताल में पात्र मरीजों को यह इंजेक्शन निःशुल्क लगाया जा सकेगा। हालांकि यह इंजेक्शन हर मरीज को नहीं दिया जाता। डॉक्टर मरीज की बायोप्सी रिपोर्ट, कैंसर की स्टेज और अन्य जांच के आधार पर तय करते हैं कि यह दवा मरीज के लिए फायदेमंद होगी या नहीं। इलाज पर लग जाते हैं लाखों रुपए डॉक्टरों के मुताबिक निजी बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत प्रति डोज लाखों रुपए तक पहुंच जाती है। कई मरीजों को इलाज के दौरान 8 से 10 लाख रुपए तक खर्च करना पड़ता है। अब शासन की ओर से इन इंजेक्शनों को सरकारी दवा खरीदी सूची में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में पात्र मरीजों को यह दवा मुफ्त दी जाएगी। यह इंजेक्शन केवल डॉक्टर की निगरानी में अस्पताल में ही लगाया जाता है। इन कैंसर में उपयोगी फेफड़ों का कैंसर त्वचा का कैंसर सिर और गर्दन का कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर मूत्राशय का कैंसर पेट का कैंसर लिवर का कैंसर किडनी का कैंसर भारत में 1.25 करोड़ लोगों को ब्रेस्ट कैंसर हाल ही में साइंटिफिक जर्नल नेचर में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक भारत में साल 2021 में ब्रेस्ट कैंसर के 1.25 करोड़ मामले थे। इसका मतलब है कि भारत की कुल आबादी के लगभग 1% लोग ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे थे। इसमें 99% मामले महिलाओं के थे। ब्रेस्ट कैंसर के कारण 2021 में भारत पर लगभग 69 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ा। जितनी तेजी से ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, अनुमान है कि साल 2030 तक इसके कारण भारत पर 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ पड़ेगा। यह आंकड़ा साल दर साल लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अगर सभी तरह के कैंसर की बात करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, भारत में साल 2022 में कैंसर के कुल 14.1 लाख नए मामले सामने आए और कुल 9.1 लाख लोगों की मौत हुई।



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