इंदौर में मार्जिन ऑफ स्पेस (MOS) पर संपत्ति कर लगाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे जनता पर अत्याचार बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि नगर निगम वर्ष 2020 से लागू इस टैक्स को एक साथ पांच साल की अवधि का वसूलने की तैयारी कर रहा है, जिससे शहर के लाखों संपत्ति मालिक प्रभावित होंगे। दरअसल, इंदौर नगर निगम ने एमओएस पर प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की प्रक्रिया शुरू की है। कांग्रेस का कहना है कि हर प्लॉट में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा मार्जिन ऑफ स्पेस के रूप में होता है और अब उसी हिस्से पर टैक्स लगाकर निगम अपने खाली खजाने को भरने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस के अनुसार इस फैसले का असर शहर के करीब 8 लाख संपत्ति मालिकों पर पड़ेगा और छोटे प्लॉट के मालिकों को भी हर साल करीब 800 से 3 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। कांग्रेस ने इस निर्णय को मनमाना बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो पार्टी शहरभर में आंदोलन करेगी। वहीं इस मामले पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि नगर निगम की एमआईसी में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है। यह मध्य प्रदेश सरकार का निर्णय है, जिसे लागू किया जा रहा है और इस पर नगर निगम ने अलग से कोई विचार नहीं किया है। आंदोलन की तैयारी चौकसे ने कहा कि इस फैसले का असर करीब 8 लाख संपत्तिधारकों पर पड़ेगा। सोमवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराएगा। यदि टैक्स वापस नहीं लिया गया तो पूरे शहर में आंदोलन किया जाएगा। उनका आरोप है कि निगम जहां आने वाले साल के लिए 50 प्रतिशत राशि वसूल रहा है, वहीं पिछले पांच वर्षों को जोड़कर करीब ढाई सौ प्रतिशत टैक्स और उस पर सरचार्ज वसूलने की तैयारी भी की जा रही है। हादसों को लेकर भी महापौर पर निशाना नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में नगर निगम की साख खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। शहर में हुए हादसों और मौतों के लिए भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। चौकसे ने कहा कि पहले रामनवमी पर 36 लोगों की मौत हुई और फिर भागीरथपुरा में भी 36 लोगों की जान चली गई।
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