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Maihar sharda dham navratri : मैहर स्थित मां शारदा देवी धाम में चैत्र नवरात्रि का भव्य मेला 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित होगा. नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे. प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रोपवे संचालन और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.
मां शारदा देवी की पवित्र नगरी मैहर में चैत्र नवरात्रि का भव्य मेला 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा. नौ दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि इन दिनों मां शारदा के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख समृद्धि आती है.
चैत्र नवरात्रि को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी दुर्गा ने इसी काल में राक्षस महिषासुर का वध किया था. इसलिए पूरे देश में इस पर्व को बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है और मैहर में तो इसका उत्साह और भी ज्यादा देखने को मिलता है.
मां शारदा मंदिर को प्राचीन शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर रामनवमी तक चलने वाला यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा है. इसी के साथ हिंदू नव संवत्सर यानी हिंदू नव वर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है.
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नवरात्रि के दौरान मैहर में रोजाना करीब 70 हजार से लेकर एक लाख तक श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. सुबह 3:30 बजे मंदिर के पट खुलते ही विशेष आरती और पूजा शुरू हो जाती है और पूरे दिन भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं.
स्थानीय मान्यता के अनुसार वीर योद्धा आल्हा और ऊदल मां शारदा के परम भक्त थे. कहा जाता है कि आज भी सबसे पहले मां का श्रृंगार और पूजा आल्हा ही करते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक आस्था का भी केंद्र माना जाता है.
नवरात्रि मेले के दौरान मैहर में बड़ा बाजार सजता है. यहां बच्चों के लिए झूले, सर्कस और जादू के खेल होते हैं. इसके साथ ही खिलौने, हस्तशिल्प, श्रृंगार सामग्री और चाट-पकौड़ी जैसे स्थानीय व्यंजनों की सैकड़ों दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं.
कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. स्वच्छ पेयजल के लिए टैंकर, साफ-सफाई के लिए डस्टबिन और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. साथ ही पूरे मेला परिसर को अलग अलग जोन में बांटकर निगरानी रखी जाएगी.
मेला परिसर में सात स्थानों पर स्वास्थ्य और प्राथमिक उपचार की सुविधा रहेगी. रोपवे सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा. रेलवे परिसर में ऑटो की एंट्री बंद रहेगी और लगभग 1600 ऑटो की नंबरिंग की जाएगी. हालांकि सभी आने जाने के सड़क मार्ग खुले रहेंगे. खास बात यह है कि गर्भगृह में वीआईपी सहित किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा.