राजगढ़ जिले के कुरावर थाना क्षेत्र स्थित पीलूखेड़ी में ओसवाल डेनिम प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री के ह्यूमिडिटी प्लांट में रविवार दोपहर तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई। आग पर फैक्ट्री की अपनी फायर ब्रिगेड और नगर परिषद कुरावर से पहुंची दमकल की मदद से समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, जिस ह्यूमिडिटी प्लांट में आग लगी, वह फैक्ट्री के भीतर आवश्यक आद्रता (ह्यूमिडिटी) बनाए रखने का काम करता है। यह प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम पर आधारित है और यहां कोई श्रमिक कार्य नहीं करता। इसका मुख्य उद्देश्य धागा बनाने वाली मशीनों के लिए जरूरी आद्रता को नियंत्रित करना होता है, ताकि उत्पादन के दौरान धागा टूटने जैसी समस्या न आए। प्लांट के भीतर दीवारों में भी आग लग गई थी
बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण आग लगने के बाद प्लांट के भीतर लगी एफआरपी (फाइबर रिइनफोर्स्ड प्लास्टिक) की दीवारों ने आग पकड़ ली। इससे घना काला धुआं उठने लगा, जो फैक्ट्री परिसर के बाहर तक दिखाई दे रहा था। जिस समय आग लगी, उस दौरान करीब 25 से 30 मीटर दूरी पर स्थित दूसरे प्लांट में मजदूर धागा बनाने का कार्य कर रहे थे। फैक्ट्री से धुआं उठता देख पास के प्लांट में काम कर रहे मजदूरों ने तत्काल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रबंधन हरकत में आया और फैक्ट्री परिसर में मौजूद फायर ब्रिगेड को तुरंत मौके पर भेजा गया। किसी भी तरह की जनहानि नहीं
दमकलकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। नगर परिषद कुरावर से भी दमकल मौके पर पहुंची और आग बुझाने में सहयोग किया। आग को अन्य प्लांटों तक फैलने से पहले ही बुझा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए फैक्ट्री परिसर में हलचल का माहौल बना रहा, लेकिन आग पर नियंत्रण होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। चूंकि जिस स्थान पर आग लगी वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस संबंध में यूनिट हेड मदन गोपाल चौधरी ने बताया कि ह्यूमिडिटी प्लांट में तकनीकी कारणों से आग लगी थी। उन्होंने बताया कि यह प्लांट पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम पर आधारित है और यहां कोई श्रमिक कार्य नहीं करता। सूचना मिलते ही प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि आग से हुए नुकसान का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। प्लांट में लगे उपकरणों और पंखों की जांच के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा।
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