शामगढ़ मंदसौर से उज्जैन आगर नाका में ससुराल वालों से मिलाने पत्नी और बच्चों को लेकर आ रहे फेब्रिकेशन कारीगर की बाइक को अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया। दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि पत्नी व पांच साल का बालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा उज्जैन-गरोठ रोड के समीप हुआ। फेब्रिकेशन का काम करने वाले मुकर्रम हुसैन शाम को शामगढ़ से पत्नी व दो बच्चों को बाइक पर बैठाकर उज्जैन आगर नाका ससुराल के लिए निकले थे। ईद के पूर्व घरवालों से पत्नी-बच्चों को मिलाने के उद्देश्य से वे चले, लेकिन यहां ससुराल पहुंचने से पहले ही मुकर्रम हुसैन परिवार समेत गंभीर हादसे के शिकार हो गए। अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और घसीटते हुए दूर तक ले गया। हादसे में मुकर्रम के पुत्र हासीब 11 साल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल पिता मुकर्रम, पत्नी निगार बी और पांच वर्षीय बेटे को जिला अस्पताल भिजवाया गया था। यहां से हालत गंभीर होने पर मुकर्रम को इंदौर रैफर किया था, जहां उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना पर आगर नाका से ससुराल वाले व शामगढ़ से परिजन भी उज्जैन पहुंचे। रविवार सुबह चिमनगंज मंडी पुलिस ने पिता-पुत्र का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन को सौंपा। चिमनगंज थाना के उप निरीक्षक लक्ष्मण उइके ने बताया कि घायल पत्नी के बयान लेंगे और उस आधार पर अज्ञात वाहन का पता किया जाएगा। उज्जैन-गरोठ हाइवे को बनाने पर करोड़ों तो खर्च कर दिए गए, लेकिन यहां लोगों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। पूरे उज्जैन-गरोठ मार्ग पर शाम को अंधेरा पसरा रहता है और कैमरे भी नहीं लगे हैं। यही वजह है कि दो लोगों की जान लेकर फरार हुए अज्ञात वाहन का तत्काल पता नहीं चल पाया। उक्त मार्ग पर रात में कई बार लोगों के साथ लूट की घटनाएं तक हो चुकी हैं और ट्रक कटिंग के मामले भी सामने आए। पिछले दिनों पांच थानों की पुलिस यहां पेट्रोलिंग को भी लगाई थी। सबसे ज्यादा जरूरत स्थायी सुरक्षा इंतजाम की है। लोगों का कहना है कि उक्त मार्ग पर सीसीटीवी लगे और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होना चाहिए। उक्त परिवार भी अंधेरे की और अज्ञात तेज रफ्तार वाहन चालक की लापरवाही से हादसे का शिकार हो गया।
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