हरदा जिला पंचायत में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने इकलौते बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने आरोप लगाया कि बेटे ने उनकी छह एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। शिकायत पर संयुक्त कलेक्टर सतीश राय ने एसडीएम खिरकिया शिवांगी बघेल को भरण-पोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पहटकला निवासी गायत्री बाई (पति स्व. लखनलाल बांके) ने बताया कि उनके पास कुल दस एकड़ जमीन थी। इसमें से चार एकड़ जमीन उन्होंने पहले ही अपने बेटे को दे दी थी। शेष छह एकड़ जमीन पर बेटे ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटे ने उनका पैतृक घर तोड़ दिया है और उन्हें गला दबाने की धमकी दी जा रही है।
बोलीं- 25 साल से बेटे-बहू से अगल रह रही
परेशान होकर गायत्री बाई करीब एक साल से अपनी बेटियों के पास रह रही हैं। उन्होंने बताया कि बेटे ने जमीन लेने के बाद भी न तो उसकी राशि दी और न ही अनाज। वह पिछले 25 सालों से अपने बेटे और बहू से अलग रह रही हैं। गायत्री बाई अपनी छह एकड़ 39 डिसमिल जमीन में से कुछ हिस्सा अपनी दोनों बेटियों को देना चाहती हैं, लेकिन बेटा और उसकी पत्नी उन्हें ऐसा करने नहीं दे रहे हैं और पूरी दस एकड़ जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं। उनकी बड़ी बेटी चिंता बोरदे का ससुराल ग्राम रहटाकला में है और वह अपने पति के साथ भोपाल में रहती हैं। छोटी बेटी ममता पटवारे ग्राम कमताड़ा में रहती हैं। बेटा बोला- मां बहनों के बहकावे में आ गईं
वहीं, महिला के बेटे नर्मदाप्रसाद बांके ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी मां से जमीन ‘खोट’ (संभवतः किराए या बटाई पर) पर ली है, जिसकी राशि वह हर साल गांव के लोगों के माध्यम से अपनी मां को देते आ रहे हैं। नर्मदाप्रसाद का कहना है कि उनकी मां अपनी बहनों के बहकावे में आकर झूठी शिकायत कर रही हैं। नर्मदाप्रसाद ने यह भी बताया कि उनकी दो नहीं, बल्कि तीन बहनें हैं, जिनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। उनका तर्क है कि उनकी बहनों को भी मां को हिस्सा देना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने सिविल कोर्ट में एक प्रकरण भी दर्ज कराया है।
Source link