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Chaitra Navratri 7th Day Puja: मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का खास महत्व है. इस दिन माता को गुड़ और उससे बने पकवान अर्पित किए जाते हैं. मान्यता है कि गुड़ का भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं.
उज्जैन. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद पवित्र और खास माना जाता है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां स्वयं पृथ्वी पर आकर भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. मध्य प्रदेश के उज्जैन के आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना का विशेष महत्व होता है. मां कालरात्रि का स्वरूप उनके नाम की तरह ही अत्यंत भयंकर और प्रभावशाली है. उनका रंग गहरा काला है, जो अज्ञान और भय का नाश करने का प्रतीक माना जाता है. मां के तीन नेत्र हैं, जो ब्रह्मांड की हर दिशा को देखने की शक्ति दर्शाते हैं. उनके चार हाथ हैं. दो हाथों में खड्ग और कांटा जबकि अन्य दो हाथों से वह भक्तों को वरदान देती हैं और अभय का आशीर्वाद प्रदान करती हैं. उनकी सवारी गधा है. मान्यता है कि रक्तबीज राक्षस के संहार के लिए मां ने यह उग्र रूप धारण किया था, जिससे संसार को भयमुक्त किया जा सके.
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मां कालरात्रि की उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है. सच्चे मन से माता की पूजा करने पर साधक को विभिन्न प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है, खासकर तंत्र-मंत्र साधना से जुड़े लोग मां कालरात्रि की विशेष आराधना करते हैं. माना जाता है कि उनकी कृपा से जीवन के सभी भय समाप्त हो जाते हैं और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं. साथ ही यह भी विश्वास है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों की अकाल मृत्यु से रक्षा करती हैं और उन्हें साहस, सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करती हैं.
किस भोग से प्रसन्न होंगी मां कालरात्रि?
मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन देवी को गुड़ और उससे बने पकवान अर्पित किए जाते हैं, जो भक्तों के जीवन से दुख और बाधाओं को दूर करने का प्रतीक है. मान्यता है कि गुड़ का भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. श्रद्धा और विधि-विधान से अर्पित किया गया यह भोग भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक माना जाता है.
जरूर करें इन मंत्रों का जाप
1. ॐ कालरात्र्यै नम:
2. ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा
3. ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.