भूतड़ी अमावस्या के अवसर पर ओंकारेश्वर और खेड़ीघाट स्थित नर्मदा तट पर मालवा-निमाड़ अंचल से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं। मंगलवार रात से ही यहां तांत्रिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ का दौर जारी है और सुबह श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में स्नान किया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और इंदौर-खंडवा हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी है। मालवा-निमाड़ अंचल के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु रात से ही घाट पर पहुंचने लगे थे। पूरी रात डोल-नगाड़ों की गूंज और मंत्रोच्चार के बीच ओझाओं और साधकों द्वारा तांत्रिक अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने बाहरी बाधाओं, नकारात्मक शक्तियों और अज्ञात भय से मुक्ति के लिए पारंपरिक विधियों से विशेष पूजा-पाठ कराए। सुबह नर्मदा में लगाई डुबकी, झूमते दिखे श्रद्धालु
सुबह होते ही घाट पर भीड़ और अधिक बढ़ गई। लोगों ने नर्मदा में स्नान कर अपने जीवन के कष्टों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की। स्नान के बाद भी घाटों पर पंडितों और ओझाओं से उपाय कराने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान कई श्रद्धालु ओझाओं के साथ देवी-देवताओं की आराधना में लीन होकर झूमते हुए भी नजर आए। पितृ दोष और बाधाओं से मुक्ति की है मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भूतड़ी अमावस्या के दिन अतृप्त आत्माएं अधिक सक्रिय रहती हैं। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति, भूत-प्रेत बाधा के प्रभाव को कम करने और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए स्नान, दान और पूजा-पाठ किया जाता है। मान्यता है कि इस अमावस्या पर किए गए धार्मिक अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी होते हैं। सुरक्षा के इंतजाम, हाईवे पर भारी वाहन प्रतिबंधित
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने घाट क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। किसी भी असुविधा से बचने के लिए घाट पर पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने इंदौर-खंडवा हाईवे पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
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