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Khargone News: नगर के बाजार चौक में स्थित इस मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक बनाया गया. आयोजन की शुरुआत 17 मार्च को सुंदरकांड पाठ के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन गया.
Khargone News: खरगोन की धार्मिक नगरी महेश्वर में इन दिनों आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. यहां स्थित प्राचीन श्री रणजीत हनुमान मंदिर में पहली बार भव्य दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह मंदिर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर जितना ही प्रसिद्ध है. खास बात ये कि इस आयोजन में पहली बार कुंभ के चार अखाड़ों की पेशवाई में ऐतिहासिक निशान यात्रा निकलेगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है.
बता दें कि मंदिर का हाल ही में जीर्णोद्धार किया गया है. लाल पत्थरों से मंदिर को भव्यता प्रदान की गई है. इसके बाद यहां शिव परिवार की भी स्थापना की गई है. अब भव्य धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं. नगर के बाजार चौक में स्थित इस मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से आकर्षक बनाया गया. आयोजन की शुरुआत 17 मार्च को सुंदरकांड पाठ के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन गया.
भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम
कार्यक्रम में देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से संत-महात्मा पहुंचे हैं. हनुमानगढ़ी से आए संतों सहित अन्य प्रमुख संतों की मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना की गई. इस दौरान भगवान का भव्य श्रृंगार कर सवा क्विंटल हलवा महाप्रसादी और 56 भोग अर्पित किए गए. आरती के समय मंदिर परिसर में “जय रणजीत सरकार” के जयघोष गूंज उठे. इसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ किया गया, जिसमें करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया. 1600 हनुमान चालीसा का वितरण भी किया गया. भक्ति संगीत और सुंदरकांड की प्रस्तुति ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे.
पहली बार कुंभ अखाड़ों की यात्रा
नरेंद्र श्रीवास्तव (अटल) ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भव्य शोभायात्रा निकली. शहर के अलग-अलग मोहल्लों से 43 स्थानों से यात्राएं निकलकर भवानी चौक पर एकत्र हुई. यहां से करीब 20 हजार श्रद्धालु पारंपरिक वाद्य यंत्रों, झांकियों और रथों के साथ विशाल शोभायात्रा में शामिल हुए. इस शोभायात्रा की सबसे खास बात ये रही कि पहली बार कुंभ के चार प्रमुख अखाड़ों निर्मोही, निर्गुणी, दिगंबर और खाती अखाड़े की पेशवाई में 500 साल पुराने निशान शामिल हुए. यह नजारा महेश्वर में पहली बार देखने मिला.
21 पूजित वस्तुओं के साथ शोभायात्रा
शोभायात्रा में कुल 21 पूजित वस्तुएं शामिल रही. इनमें रामचरितमानस, गंगाजल, नर्मदा जल, सरयू जल, त्रिवेणी जल, भगवान की चरण पादुका, रुद्राक्ष माला, मंदिर का शिखर कलश और विभिन्न धार्मिक झांकियां प्रमुख रहेंगी. साथ ही बागेश्वर धाम से जुड़ी गदा और धार्मिक प्रतीकों को भी शामिल किया जाएगा. यह भव्य यात्रा दोपहर 12 बजे बाजार चौक स्थित मंदिर पहुंचेगी, जहां समापन होगा. आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य महेश्वर के इस प्राचीन मंदिर को नई पहचान देना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें