देसी हुनर का कमाल! गोबर से दीपक-उपले बना ऑनलाइन पैसा छाप रहीं छतरपुर की सरिता

देसी हुनर का कमाल! गोबर से दीपक-उपले बना ऑनलाइन पैसा छाप रहीं छतरपुर की सरिता


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देसी हुनर का कमाल! गोबर से दीपक-उपले बना ऑनलाइन पैसा छाप रहीं छतरपुर की सरिता

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Sarita success story : आज हम आपको सरिता की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने गाय के गोबर को ही अपना बिजनेस बना लिया. हालांकि इसमें उन्हें अपने पति का साथ भी मिला. जिसके चलते आज वह गोबर के उपलों से लेकर गोबर पाउडर तक बेचती हैं. इनके प्रोडक्ट की डिमांड तमिलनाडु से लेकर आंध्रप्रदेश तक में है.

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Success Story : आज हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं. जो गोबर से बने दीपक और उपले बेचने का बिजनेस करती हैं. मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर यह गाय के गोबर से छोटे से लेकर बड़े उपले बनाती हैं. इनके उपले घर के अलावा मार्केट में बेचे जाते हैं. साथ ही यह ऑनलाइन भी ऑर्डर लेती हैं. आइए जानते हैं इनकी सफल कहानी

सरिता पाल लोकल 18 से बातचीत में बताती हैं कि पिछले 2 सालों से वह गाय के गोबर से दीपक और उपले बनाती हैं. दीपावली में सबसे ज्यादा गोबर के दीपक की डिमांड रहती है. सरिता बताती हैं कि वह गाय के गोबर से ही तमाम तरह की चीज़ें बनाती हैं. क्योंकि भैंस के गोबर से बनीं चीजें लोग नहीं खरीदते हैं क्योंकि हम जो गोबर से प्रोडक्ट तैयार करते हैं वह पूजा-पाठ और हवन में काम आता है इसलिए गाय के गोबर से बनें दीपक, उपले और गोबर पाउडर ही तैयार करते हैं.

गोबर से दीपक और उपले करतीं तैयार
सरिता बताती हैं कि गोबर के एक दीपक की कीमत 2 रुपए है. वैसे तो लोग पूजा-पाठ के बारह महीने गाय के गोबर के दीपक खरीदते हैं लेकिन दीपावली में बहुत ज्यादा डिमांड रहती है. साथ ही गोबर के छोटे-छोटे उपले बनाते हैं. 1 फार्मा में 5 उपले रहते हैं. जिसे 30 रुपए में बेचते हैं. इस एक फार्मा में 10 रुपए लागत आती है.

गोशाला का करती संचालन
सरिता बताती हैं कि वह स्वर्गेश्वर गोशाला राजगढ़ विकासखंड राजनगर समूह का संचालन करती हैं जिसमें 10 से 11 महिलाएं गोशाला के गोबर से दीपक, उपले वर्मीकंपोस्ट खाद, जीवामृत खाद, घन जीवामृत गाय के शुद्ध गोबर से बनाती हैं. सरिता बताती हैं कि उन्हें जब ये जानकारी लगी कि गोशाला का संचालन समूह की महिलाएं भी कर सकती हैं तो फिर गांव की खाली पड़ी गोशाला में ही अपनी स्वर्गेश्वर गोशाला का संचालन करने लगे.

तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में डिमांड
वहीं सरिता के पति बताते हैं कि वह भी इस काम में उनकी मदद करते हैं. इससे पहले वह कृषि कार्य करते थे. पशुपालन करते थे. लेकिन अब पत्नी की मदद करता हूं. हमने मीशो पर आईडी बनाई जिसके बाद गोबर के दीपक और उपले बेचते हैं. साथ ही इंडिया मार्ट पर गोबर का पाउडर बनाते हैं. तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में गाय गोबर पाउडर की भारी डिमांड है.‌ये पाउडर 12 से 13 रुपए किलो बेचते हैं.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें



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