बेजुबानों की प्यास बुझा रही खंडवा की सुजाता मोरे, इतनी पानी की टंकियां लगाकर बनीं मिसाल

बेजुबानों की प्यास बुझा रही खंडवा की सुजाता मोरे, इतनी पानी की टंकियां लगाकर बनीं मिसाल


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Success Story: खंडवा की सुजाता मोरे का सपना है कि उनका अभियान पूरे निमाड़ और मध्य प्रदेश के हर जिले तक पहुंचे, ताकि कहीं भी पानी की कमी के कारण कोई बेजुबान जानवर प्यासा न रहे. उनकी इस अनोखी पहल की हर ओर सराहना हो रही है. जानें पूरी कहानी…

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Khandwa News: भीषण गर्मी में जहां इंसान अपनी प्यास खुद बुझा लेता है, वहीं सड़क पर रहने वाले बेजुबान पशु-पक्षी पानी के लिए तरस जाते हैं. ऐसे समय में खंडवा की समाजसेविका सुजाता मोरे इन मूक जीवों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं. पिछले 3 से 4 वर्षों से वे लगातार शहर में बेजुबान जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था कर रही हैं. उन्होंने अब तक 120 से ज्यादा पानी की टंकियां अलग-अलग जगहों पर लगवाई हैं, जहां आज भी गाय, कुत्ते, घोड़े और अन्य पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते नजर आते हैं.

सुजाता मोरे सिर्फ टंकियां लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी देखरेख की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं. उन्होंने इसके लिए एक टीम बनाई है, जो नियमित रूप से इन टंकियों की निगरानी करती हैं. टंकी साफ है या नहीं, उसमें पानी भरा है या नहीं, इन सभी बातों का ध्यान रखा जाता है. साथ ही वे हर साल 300 से ज्यादा सकोरे भी लोगों को देती हैं, ताकि पक्षियों को भी गर्मी में पानी मिल सके और कोई भी जीव प्यासा न रहे.

परिवार से मिला ये संस्कार
Local 18 से बातचीत में सुजाता मोरे बताती हैं कि उन्हें यह सेवा भावना अपने परिवार से मिली है. उनके मायके और ससुराल दोनों ही स्थानों पर सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना जाता है. यही संस्कार उन्हें इस दिशा में काम करने की प्रेरणा देते हैं. यह काम उन्होंने किसी दिखावे या सम्मान के लिए नहीं, बल्कि मन की संतुष्टि और बेजुबानों के प्रति प्रेम से शुरू किया है. सुजाता का मानना है कि गर्मियों में पशुओं को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन वे अपनी तकलीफ किसी से कह नहीं सकते. ऐसे में अगर हम थोड़ी सी जिम्मेदारी लें, तो उनकी जान बचाई जा सकती है. इसी सोच के साथ उन्होंने लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा है. अब शहर के कई लोग जहां भी सकोरा या पानी की टंकी देखते हैं, वहां खुद पानी भरने लगे हैं और इस सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं.

प्रदेश के हर जिले में पहुंचे ये अभियान
आज उनकी यह पहल सिर्फ खंडवा तक सीमित नहीं रहना चाहती. सुजाता का सपना है कि यह अभियान पूरे निमाड़ और मध्य प्रदेश के हर जिले तक पहुंचे, ताकि कहीं भी पानी की कमी के कारण कोई बेजुबान जानवर प्यासा न रहे. उनकी इस अनोखी पहल की हर ओर सराहना हो रही है. कई संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान यही है कि उनकी वजह से सैकड़ों पशु-पक्षियों को समय पर पानी मिल रहा है और वे सुरक्षित और स्वस्थ रह पा रहे हैं. यह पहल न सिर्फ समाज सेवा का उदाहरण है, बल्कि यह भी सिखाती है कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं, बल्कि हर जीव के प्रति हमारी जिम्मेदारी है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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