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sachin Tendulkar 5 unbreakable records: क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज रिकॉर्ड्स केवल आंकड़े नहीं, बल्कि दो दशकों की अटूट साधना का प्रमाण हैं. 100 इंटरनेशनल सेंचुरी, 200 टेस्ट मैच और 34,357 रनों जैसी विशाल उपलब्धियां आज के दौर में भी ‘अजेय’ नजर आती हैं. आधुनिक क्रिकेट की तेज रफ्तार और वर्कलोड मैनेजमेंट के बीच, तेंदुलकर की निरंतरता और फिटनेस के इन 5 महारिकॉर्ड्स को तोड़ना किसी भी दिग्गज के लिए मुश्किल चुनौती है.
सचिन तेंदुलकर के इंटरनेशनल क्रिकेट के 5 महारिकॉर्ड.
नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ी आए और गए. लेकिन सचिन तेंदुलकर का नाम एक ऐसे अध्याय की तरह है जिसे सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है. 24 साल लंबे करियर में सचिन ने न केवल रन बनाए, बल्कि बल्लेबाजी के नए मानक स्थापित किए. आज के दौर में जब क्रिकेट टी20 की स्पीड से आगे बढ़ रहा है, तेंदुलकर के कुछ रिकॉर्ड्स ‘अजेय’ नजर आते हैं. आइए, उन 5 महारिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं जो आज भी क्रिकेट के ‘माउंट एवरेस्ट’ बने हुए हैं.
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट और वनडे मिलाकर) में 100 शतक जड़े हैं. उन्होंने टेस्ट में 51 और वनडे में 49 शतक लगाए. वर्तमान में विराट कोहली 85 शतकों के साथ इस रिकॉर्ड के सबसे करीब हैं, लेकिन 100 तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी भी 15 शतकों की दरकार है. बढ़ती उम्र और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण आधुनिक खिलाड़ियों के लिए तीनों फॉर्मेट में समान निरंतरता बनाए रखना बेहद कठिन है. सचिन ने यह उपलब्धि दो दशकों की तपस्या के बाद हासिल की थी.
200 टेस्ट मैचों का जादुई आंकड़ा
टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे शुद्ध फॉर्मेट माना जाता है. इसमें 200 मैच खेलना किसी चमत्कार से कम नहीं है. सचिन ने 1989 से 2013 के बीच कुल 200 टेस्ट मैच खेले. आज के दौर में टी20 लीग्स के कारण द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज छोटी होती जा रही हैं. जेम्स एंडरसन जैसे दिग्गज गेंदबाज भी 188 टेस्ट तक ही पहुंच पाए.जो रूट जैसे सक्रिय खिलाड़ी अभी 146 टेस्ट के आसपास हैं. 200 टेस्ट तक पहुंचने के लिए एक खिलाड़ी को कम से कम 18-20 साल तक चोट-मुक्त रहकर लगातार टेस्ट टीम का हिस्सा बने रहना होगा, जो वर्तमान परिदृश्य में असंभव सा लगता है.
इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन
सचिन के नाम तीनों प्रारूपों में कुल मिलाकर 34,357 रन दर्ज हैं. इसमें टेस्ट में 15,921 रन और वनडे में 18,426 रन शामिल हैं. इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए न केवल असाधारण तकनीक की जरूरत है, बल्कि लंबे समय तक रनों की भूख (Hunger for runs) को जीवित रखना पड़ता है.एक्टिव खिलाड़ियों में विराट कोहली इस सूची में सबसे ऊपर हैं, लेकिन सचिन के रनों के पहाड़ और उनके बीच अभी भी लगभग 6,500 से अधिक रनों का फासला है. जो रूट टेस्ट में बढ़त बना रहे हैं, लेकिन वनडे और टी20 में उनकी सीमित भागीदारी इस रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है.
वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन
वर्ल्ड कप को क्रिकेट का सबसे बड़ा मंच माना जाता है.सचिन इस मंच के सबसे बड़े नायक रहे हैं. उन्होंने 6 वर्ल्ड कप (1992-2011) खेले और 56.95 की औसत से 2,278 रन बनाए. वर्ल्ड कप हर चार साल में एक बार आता है. किसी भी बल्लेबाज के लिए 6 वर्ल्ड कप खेलना और हर बार अपनी फॉर्म को शिखर पर रखना (जैसे 2003 में 673 रन का रिकॉर्ड) अविश्वसनीय है. रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कुल रनों के मामले में सचिन का यह रिकॉर्ड आज भी एक मील का पत्थर है.
सबसे लंबा वनडे करियर
सचिन ने 16 साल की उम्र में डेब्यू किया और 39 साल की उम्र तक वनडे क्रिकेट खेला. उनका वनडे करियर 22 साल और 3 महीने का रहा. आधुनिक क्रिकेट शारीरिक रूप से बहुत अधिक थकाने वाला हो गया है. आज के खिलाड़ी फिटनेस और मानसिक थकान के कारण जल्दी संन्यास ले लेते हैं या किसी एक फॉर्मेट को छोड़ देते हैं. 22 साल तक सफेद गेंद की क्रिकेट की बदलती गति, पावरप्ले के नियमों और नई तकनीकों के साथ खुद को ढालना सचिन की सबसे बड़ी ताकत थी.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें