चैत्र नवरात्रि: अष्टमी पर होती मां महागौरी की पूजा, जानें प्रिय भोग और मंत्र

चैत्र नवरात्रि: अष्टमी पर होती मां महागौरी की पूजा, जानें प्रिय भोग और मंत्र


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Chaitra Navratri 8th Day Puja: नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. हर दिन उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाता है. अष्टमी के दिन मां महागौरी की आराधना का विशेष महत्व है. इस दिन देवी को नारियल से बनी स्वादिष्ट मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना गया है.

उज्जैन. चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. सनातन परंपरा में नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है, जिसमें देवी मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि इन 9 दिनों में माता स्वयं पृथ्वी पर विराजमान होकर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और आशीर्वाद प्रदान करती हैं. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो चुकी है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, अष्टमी तिथि पर देवी मां महागौरी की उपासना विशेष फलदायी होती है. इस दिन भक्तों को विधिपूर्वक पूजन कर माता को नारियल, सफेद मिठाई और हलवा-पूरी का भोग लगाना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति, वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

महागौरी माता जी के रूप की बात करें, तो नवरात्रि में आठवें दिन महागौरी का पूजन होता है. माता महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर (गोरा या सफेद) है. यहां तक कि इनके वस्त्र और आभूषण सभी सफेद हैं. मां की चार भुजाएं हैं और इनका वाहन बैल है. मां के दाहिने ओर के ऊपर हाथ में अभय मुद्रा और नीचे हाथ में त्रिशूल है. वहीं बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है.

मां महागौरी नाम का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी. इस कठिन साधना के दौरान उनका शरीर काला पड़ गया था लेकिन उनकी अटूट भक्ति और समर्पण ने भगवान शंकर को प्रसन्न कर दिया. कथा के अनुसार, शिवजी ने गंगाजल से मां के शरीर को पवित्र और स्वच्छ किया, जिससे उनका रूप अत्यंत उज्ज्वल और दिव्य हो गया. उनके इसी सुंदर गौर वर्ण के कारण उन्हें ‘गौरी’ नाम से जाना जाने लगा. मां गौरी का यह स्वरूप पवित्रता, प्रेम और सच्ची भक्ति का प्रतीक माना जाता है.

माता महागौरी का प्रिय भोग
नवरात्रि के 9 दिनों में माता रानी के 9 अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है और हर दिन उन्हें विशेष भोग अर्पित किया जाता है. अष्टमी के दिन माता महागौरी की आराधना का विशेष महत्व होता है. इस दिन माता को नारियल से बनी स्वादिष्ट मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है. साथ ही पारंपरिक रूप से हलवा और काले चने का प्रसाद अर्पित करने से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.

जरूर करें इन मंत्रों का जाप
1. या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

2. श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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