Naya Falahar: साबूदाना खिचड़ी से बोर? ट्राई करें ये रेसिपी, खाने पर दिनभर नहीं लगेगी भूख

Naya Falahar: साबूदाना खिचड़ी से बोर? ट्राई करें ये रेसिपी, खाने पर दिनभर नहीं लगेगी भूख


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Chatira Navratri Vrat Recipe: अगर आप नौ दिन व्रत हैं और रोज साबूदाना खिचड़ी खाने का मन नहीं कर रहा है तो आप विंध्य क्षेत्र का ये फलाहार डिश ट्राई कर सकते हैं. ये सबूदाना की खिचड़ी से हल्की है, लेकिन पेट में इसका असर काफी देर तक रहता है. इसको खाने से ऊर्जा मिलती है और देर तक भूख नहीं लगती. जानें रेसिपी…

Chatira Navratri Vrat Recipe: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना का अत्यंत पवित्र नौ दिवसीय पर्व माना जाता है. इस दौरान श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से व्रत रखते हैं और फलाहार का विशेष ध्यान रखते हैं. आमतौर पर व्रत में साबूदाना खिचड़ी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है, लेकिन लगातार एक जैसा भोजन करने से कई लोग बोर भी हो जाते हैं. ऐसे में इस नवरात्रि ज्वार की खिचड़ी एक बेहतर और हेल्दी विकल्प बनकर उभर रही है.

ज्वार की खिचड़ी दिखने और स्वाद में काफी हद तक साबूदाना खिचड़ी जैसी ही होती है, लेकिन पोषण के मामले में यह उससे कहीं आगे मानी जाती है. फाइबर से भरपूर ज्वार खिचड़ी खाने के बाद लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होता, जिससे व्रत के दौरान ऊर्जा बनी रहती है. खासकर सीधी समेत विंध्य क्षेत्र में ज्वार खिचड़ी को फलाहार के रूप में काफी पसंद किया जाता है और कई घरों में यह परंपरागत रूप से बनाई जाती है.

साबूदाना से हल्की ज्वार खिचड़ी
सीधी निवासी रसोइया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को बताया कि साबूदाना खिचड़ी की तुलना में ज्वार खिचड़ी हल्की और आसानी से पचने वाली होती है. साथ ही यह पेट को लंबे समय तक भरा रखती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती. उन्होंने बताया कि ज्वार खिचड़ी बनाने के लिए साबुत ज्वार को 6-8 घंटे या रातभर भिगोना जरूरी होता है, ताकि वह अच्छी तरह नरम हो जाए. इसके बाद इसे कुकर में 8-9 सीटी लगाकर पकाया जाता है.

इतनी चीज डालने से बढ़ेगा स्वाद
दूसरी ओर कढ़ाई में घी गर्म कर राई, जीरा, हींग, कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. इसमें गाजर, बीन्स, मटर और अदरक डालकर हल्का भुना जाता है. फिर पकी हुई ज्वार और चाहें तो मूंग दाल मिलाकर हल्दी और मिर्च डालकर कुछ देर धीमी आंच पर पकाया जाता है. अंत में नींबू का रस और हरा धनिया डालकर इसे दही या पापड़ के साथ परोसा जाता है. पोषण बढ़ाने के लिए इसमें सहजन (मोरिंगा) के पत्ते भी मिलाए जा सकते हैं.

डॉक्टर भी देते ज्वार खाने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार, ज्वार छोटे सफेद या हल्के पीले दानों वाला अनाज है, जो प्राकृतिक रूप से फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है. बदलती लाइफस्टाइल में लोग वजन घटाने, शुगर कंट्रोल और दिल को स्वस्थ रखने के लिए फिर से मोटे अनाज यानी मिलेट्स की ओर लौट रहे हैं. ज्वार से बने व्यंजन कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाले होते हैं, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक होता है, वहीं फिनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉइड्स जैसे तत्व शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. यही कारण है कि इस नवरात्रि ज्वार खिचड़ी हेल्दी और स्वादिष्ट फलाहार के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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