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- Shivraj Singh Chouhan | Minister Vishwas Sarang Targets Former Cm Kamal Nath Over Madhya Pradesh Development Work
भोपालएक घंटा पहले
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भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इसमें उन्होंने कमलनाथ सरकार पर आरोप लगाए हैं।
- विश्वास सारंग ने कहा, कमलनाथ की सरकार ने विकास तो किया, लेकिन सिर्फ अपने गुर्गों का
- प्रदेश को कोरोना की आग में झोंका और खुद इंदौर में हीरोइनों के साथ गलबहियां करते रहे
शिवराज सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर हमला बोला है। उन्होंने कहा- कमलनाथ ने अपने कार्यकाल में विकास में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने विकास तो किया है, लेकिन सिर्फ अपने गुर्गों का, प्रदेश का नहीं।
सारंग ने कहा कि कमलनाथ सरकार 15 महीने सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान प्रदेश में एक इंच भी नई सड़क नहीं बनी, एक यूनिट भी अतिरिक्त बिजली का उत्पादन नहीं हुआ। इसके उलट उन्होंने शिवराज सरकार में शुरू हुईं जन हितैषी योजनाओं को बेदर्दी से बंद कर दिया।
सारंग ने कहा- कमलनाथ को मध्यप्रदेश और यहां के लोगों से कुछ लेना-देना नहीं है। कमलनाथ के ऑफिस का जो कर्मचारी उनके लिए टिकट बुक करता है, उससे अगर पूछा जाए, तो पता चलेगा कि कमलनाथ ने 10 नवम्बर की शाम का या फिर 11 नवम्बर को सुबह की फ्लाइट से दिल्ली का टिकट बुक करा रखा होगा। यह निश्चित है कि वह 11 नवम्बर के बाद मध्यप्रदेश में नहीं रहेंगे।
‘प्रदेश को कोरोना में झोंककर आईफा की तैयारी कराते रहे’
सारंग ने कहा- कमलनाथ ने प्रदेश को कोरोना महामारी में झोंक दिया। इस संकट की समीक्षा बैठक में शामिल न होकर कमलनाथ कोरोना के हॉटस्पॉट बने इंदौर में आईफा की तैयारी करवाते रहे। हीरोइनों के साथ गलबहियां डालकर खड़े होते हैं, जाम से जाम टकराए जाते हैं, पर कोरोना से बचाव की चिंता नहीं करते।
‘कांग्रेस के खाने के दांत कुछ, दिखाने के कुछ’
सारंग ने कहा- कमलनाथ कहते हैं कि अगर वे फिर से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो कृषि सुधार विधेयक को मध्यप्रदेश में लागू नहीं होने देंगे। कमलनाथ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब वह केंद्रीय मंत्री थे, तब उन्होंने कांटेक्ट फार्मिंग की वकालत की थी या नहीं? इस बात के दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं कि केंद्रीय मंत्री रहते कमलनाथ ने कांटेक्ट फार्मिंग की वकालत की थी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने असेंशियल कमोडिटी एक्ट हटाने की बात कही थी, जिसका नए कृषि कानून में प्रावधान है और जिसका वो विरोध कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि जिस कृषि सुधार कानून का कमलनाथ और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह विरोध कर रहे हैं, उसका ड्राफ्ट बनाने वाली मुख्यमंत्रियों के समिति के ये दोनों सदस्य थे, लेकिन तब उस कानून का विरोध नहीं किया। इससे यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के खाने के दांत और, दिखाने के दांत और होते हैं।
‘पहले प्रदेश और फिर कमलनाथ का बेडा गर्क करने वाले दिग्विजय कहां हैं’
सारंग ने कहा कि वह दिग्गी जो 15 महीने तक कमलनाथ सरकार का रिमोट थामे रहे, आज कहां हैं, पता ही नहीं चल रहा। पहले प्रदेश का और फिर कमलनाथ सरकार का बेड़ा गर्क करने वाले दिग्विजय सिंह कहां हैं? उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस पार्टी दूसरे प्रदेशों से स्टार प्रचारक बुलाएगी, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। जिस राजनीतिक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इंपोर्टेड होगा, उसका स्टार प्रचारक भी इंपोर्टेड ही होगा।